बंगाली परिवारों ने दाखिल किया नोटिस का जवाब
मवाना। परीक्षितगढ़ वन रेंज के गांव नंगला गोसाई के पास वन्य आरक्षित क्षेत्र झील की 55 हेक्टेयर जमीन पर दो सप्ताह पूर्व वन विभाग ने कुछ भूमि पर अवैध कब्जा हटवाया था। इसके बाद एनजीटी के निर्देश पर लगभग 75 परिवारों को क्षतिपूर्ति के नोटिस जारी किए गए थे। शुक्रवार को इन परिवारों ने तहसील अपना जवाब दाखिल कराया।
गांव नंगला गोसाई के पास बंगाली परिवार अर्से से रह रहे हैं। यह भूमि परीक्षितगढ़ वन रेंज की सीमा में आती है। दो सप्ताह पूर्व एनजीटी के आदेश पर वन विभाग ने कुछ जमीन से कब्जा हटवाया था। वहां रह रहे लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया था। तहसीलदार न्यायालय से लाखों रुपये की क्षतिपूर्ति आरसीसी प्रपत्र जारी किया गया था। शुक्रवार को बंगाली समाज के करीब 75 परिवार तहसील पहुंचे और एसडीएम से मदद मांगी। एसडीएम ने अधिकारियों से वार्ता कर सभी बंगाली परिवारों को वैकल्पिक भूमि मिलने तक वहां रहने का समय दिया गया है।
एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि काफी समय से बंगाली समाज के लोग वहां पर बसे हैं। जहां टीम द्वारा नजीटी के आदेश पर अभियान चलाया गया था। फिलहाल बंगाली परिवारों को राहत दी गई है। तहसीलदार आकांक्षा जोशी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर नोटिस जारी किए गए थे। इन लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। फिलहाल वहां पर कार्रवाई बंद है। आगामी तारीख पर सभी पत्राजात पेश करेंगे।