शहर के ऑटो और टेंपो चालक बेलगाम हो चुके हैं। इनको न तो नियमों की परवाह है और न ही पुलिस का खौफ। हालांकि ट्रैफिक पुलिस के अफसर अक्सर दावे करते रहते हैं कि नियम तोड़ने वाले चालकों का चालन किया जाएगा। उनके वाहनों को सीज किया जाएगा। लेकिन सारे दावे हवाई साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि टेंपो चालक मनमानी पर उतारू हैं। स्कूली बच्चों को तो टेंपो में भूसे की तरह भरकर चलते हैं। अंदर तो अंदर बाहर पावदान पर भी लटका लेते हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है कौन लेगा इसकी जिम्मेदारी।