रोहटा रोड निवासी युवक जिसकी दुर्घटना में मृत्यु हो गयी
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रोहटा रोड स्थित गगन विहार के सामने बेकाबू रोडवेज बस ने स्कूल जा रहे साइकिल सवार मासूमों को टक्कर मार दी। हादसे में बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि छोटे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर बस छोड़कर भाग गया। घटना का पता लगते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मुरादनगर क्षेत्र के बैहजादगाहपुर निवासी पवन कुमार पुत्र तेजपाल सिंह आर्मी में सेना नायक के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में वह मुंबई इंडियन नेवी से अटैच हैं। उनका परिवार रोहटा रोड स्थित गोकुल विहार में रहता है। उनके दोनों बेटे आर्मी स्कूल में पढ़ते थे। बड़ा बेटा अभिषेक कुमार (14) 9वीं और छोटा यश कुमार (8) कक्षा तीन का छात्र था। रोजाना की तरह दोनों भाई साइकिल से स्कूल के लिए चले तो गगन विहार के सामने बागपत डिपो की रोडवेज बस ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही अभिषेक दूर जा गिरा और यश बस के पहिये के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। लोगों ने अभिषेक को अस्पताल में भर्ती कराया। गुस्साए परिजनों व कॉलोनी के लोगों ने बस में तोड़फोड़ व जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के समझाने पर परिजन शांत हो गए। पुलिस ने मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। परिजनों ने तहरीर दी है। एसओ यादराम यादव का कहना है कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
बेटे का शव देखते ही बेहोश हुई मां
बस का पहिया उतरने से यश का शव क्षतिग्रस्त हो गया था। मां ने जब अपने लाल का शव देखा तो वह बेहोश हो गई। अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
पिता के होश उड़े
परिजनों ने बताया कि यश के पिता पवन कुछ दिन पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। घर में छोटा होने के कारण वह यश को बहुत प्यार करते थे। उसकी मौत की खबर देने के लिए कोई परिजन हिम्मत नहीं जुटा सका। हिम्मत करके परिजनों ने फोन पर घटना के बारे में बताया तो पवन के होश उड़ गए। वे तुरंत घर के लिए रवाना हो गए।
कॉलोनी में पसरा सन्नाटा
मासूम की मौत के बाद कॉलोनी में भी सन्नाटा सा पसर गया है। हादसे से सभी लोग दुखी हैं। सेना नायक के घर मोहल्ले वालों की भीड़ लगी थी। वह परिवार को सांत्वना दे रहे थे।
फौजी बनने की थी तमन्ना
यश भी पढ़ लिखकर अपने पिता की तरह फौज में भर्ती होना चाहता था। उसे खिलौने में भी बंदूक ही पसंद थी। अक्सर हाथ में बंदूक लेकर फोटो भी खिंचवाता था।