दिल्ली रोड पर खूनी कंटेनर का कहर अभी लोगों के जेहन से उतरा नहीं कि बृहस्पतिवार को एक दरोगा ने अंधाधुंध अमेज गाड़ी दौड़ा दी। दरोगा ने आठ लोगों को कुचल दिया। तीन कार में टक्कर मारकर कंकरखेड़ा थाने की जीप को भी ठोका। पुलिस ने दरोगा को पकड़ा व सिविल लाइन थाने में सौंपा। पुलिस ने दरोगा का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई।
यह वाक्या एसएसपी ऑफिस के सामने का हैं। दरोगा ने होंडा अमेज दौड़ाई। एसएसपी ऑफिस के सामने खड़ी कंकरखेड़ा थाने की जीप में पीछे से टक्कर मार दी। जीप में बैठे इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा और उनके साथ पुलिसकर्मियों ने दरोगा को पकड़ लिया। तीन गाड़ी और आठ लोग वहां पहुंचे। जिन्होंने इंस्पेक्टर दीपक से बताया है कि यह दरोगा पीछे उनको टक्कर मारकर भागे हैं।
जिसमें एक बच्ची सहित तीन लोग को चोट लगी है। इंस्पेक्टर के मुताबिक दरोगा ने खुद का नाम राहुल कुमार बताया। जिसकी पोस्टिंग सहारनपुर स्थित पुलिस लाइन में होना बताया। इंस्पेक्टर दीपक शर्मा ने सिविल लाइन इंस्पेक्टर को फोन किया। सिविल लाइन थाने की पुलिस पहुंची व दरोगा को पकड़कर ले गए। दरोगा नशे के धुत में है, यह अफवाह फैला दी। पुलिस ने इसको लेकर मेडिकल परीक्षण कराया।
नशा नहीं था तो क्यों हुआ ऐसा?
इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में दरोगा के शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। सवाल उठता है कि दरोगा नशे में नहीं थे तो उन्होेंने ऐसा क्यों किया। तीन गाड़ियों में टक्कर मारकर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया है। आठ लोगों को कुचलकर घायल किया। दरोगा की शिकायत पीड़ित लोगों ने इंस्पेक्टर से की। तब जाकर इंस्पेक्टर ने उसको पकड़ा।
क्या पुलिस भी ऐसा करेंगी...
घायल लोगों को पता चला कि होंडा अमेज चलाने वाले यूपी पुलिस का दरोगा है। जिससे सुनकर लोग हैरान रह गए। लोगों ने कहा कि पुलिस भी ऐसा करेंगी तो कौन सुरक्षित रहेगा। इस मामले की गंभीरता से जांच भी हो। ताकि फिर से कोई पुलिसकर्मी ऐसी घटना न करे। हालांकि इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक ने दावा किया है कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ली जाएगी। उसके आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल दरोगा पुलिस के कब्जे में है।