मां-बेटी के हत्यारोपी शोएब कुरैशी को लालकुर्ती पुलिस ने रिमांड अवधि पूरी होने से पहले ही बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। रिमांड के बावजूद पुलिस ने न तो सुमनलता की हत्या में शामिल रहे शोएब के पिता अब्दुल और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और न ही हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की।
सुमनलता का शव बरामद कराने के लिए लालकुर्ती पुलिस के प्रार्थनापत्र पर सीजेएम कोर्ट ने हत्यारोपी शोएब कुरैशी का मंगलवार दोपहर 12 बजे से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक का पुलिस रिमांड मंजूर किया था। लालकुर्ती पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शोएब को मंगलवार को रिमांड पर लेकर सुमनलता के जलाए गए शव के अवशेष बरामद किए थे। जबकि बुधवार को खुलासा किया था कि शोएब और अमित ने छह अप्रैल को नेहा की हत्या अपने ऑफिस में दुष्कर्म के बाद की थी।
आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों
रिमांड से पहले इंस्पेक्टर लालकुर्ती का कहना था कि यदि शोएब सात दिनों के रिमांड पर मिल जाएगा तो सुमनलता की लाश बरामद करने के साथ पूरा केस वर्कआउट कर दिया जाएगा। कोर्ट ने शोएब को तीन दिन के रिमांड पर दिया था। लेकिन यहां भी पुलिस ने जल्दबाजी कर एक दिन पहले ही शोएब को जेल भेज दिया। जबकि शोएब ने पूछताछ में खुलासा किया था कि सुमनलता की हत्या में उसका पिता अब्दुल समेत तीन आरोपी साथ थे। शोएब ने यह भी बताया था कि उसने 12 हजार में पिस्टल खरीदी थी, जिससे सुमनलता की गोली मारकर हत्या की थी। लेकिन न तो अब्दुल समेत तीनों आरोपी गिरफ्तार हुए और न ही पिस्टल बरामद की गई।
दो दिन में पूरी हो गई कार्रवाई
इंस्पेक्टर लालकुर्ती धीरज शुक्ला के अनुसार शोएब ने नेहा की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के साथ ही कबूला है कि सुमनलता की हत्या कर शव मवी-लावड़ के बाग में जला दिया था। अब शोएब ने बताया है कि उसने पिस्टल नहीं तमंचे से सुमनलता को गोली मारी थी, जो बरामद कर लिया है। शोएब पर दुष्कर्म, हत्या, धोखाधड़ी और हत्या के बाद शव छुपाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपी विवेचना में शामिल कर उसे कोर्ट में पेश किया गया है। अब्दुल भी सुमनलता की हत्या और लाश को छुपाने में साथ था। उसकी गिरफ्तारी भी होगी। वही बताएगा कि सुमनलता के शव को क्यों जलाया गया था। इस दौरान लावड़ निवासी शौकीन भी साथ था। जिसके एक रिश्तेदार इम्मू को उठाया है। इम्मू भी उस दौरान घटनास्थल पर होना बताया है।