फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM मोदी से भी पहले से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे इस जज्बे को सलाम

Mon, 31 Jul 2017 12:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
सफाई करते कृष्‍ण कुमार खन्ना
विज्ञापन
बुलंद हौसलों और देश व समाज के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे पर उम्र कभी हावी नहीं होती। 92 साल के सर्वोदय नेता और स्पोर्ट्स उद्यमी कृष्ण कुमार खन्ना इसकी मिसाल बने हैं। जो करीब 25 साल से स्वच्छता की अलख जगाए भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरण छेड़े हुए हैं। 
विज्ञापन


बंटवारे के बाद नई पारी
केके खन्ना बताते हैं कि वह पाकिस्तान में अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ों आंदोलन के तहत 1942 में करीब नौ माह जेल में रहे थे। उसके बाद 1944 में फिर से उन्हें जेल में डाल दिया गया। इस दौरान वह महात्मा गांधी से काफी प्रेरित थे और बाद में विनोबा भावे से जुड़ गए थे। बंटवारे के दौरान पाकिस्तान से आकर विक्टोरिया पार्क स्थित स्पोर्ट्स कॉलोनी में आकर बस गए थे। उस समय उनकी उम्र महज 21 साल थी। उनके पिता ने मेरठ में खेल का सामान बनाने की छोटी सी इकाई शुरू की थी, जो आज बडे़ स्तर से चल रही है। केके खन्ना बताते है कि उन्होंने ईमानदारी से कभी समझौता नहीं किया। कई बार केस दर्ज हुए और चालान आदि हुए। इस सबके बीच बेटे बड़े हो गए और कारोबार संभालने लगे तो मैंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग शुरू कर दी।

दफ्तरों में बजाए घंटे

रविवार को चलता है अभियान
सरकारी दफ्तरों में रिश्वत लेने और अधिकारियों कर्मचारियों के समय पर न आने के खिलाफ केके खन्ना ने 1992 में जनजागरण अभियान शुरू कर दिया। ऐसे कार्यालयों में उन्होंने भजन गाए और घंटे बजाए। ऐसे ही आंदोलन के दौरान 31 जुलाई 1998 को न्यायालय में घंटा बजाने के दौरान उन्हें सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने 18 सितंबर 2003 को फिर से एक न्यायालय में घंटा बजा दिया और 50 दिन की न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेज दिया गया। 

पोस्टर और पत्र अभियान जारी 
केके खन्ना का भ्रष्टाचार के खिलाफ इस समय पोस्टर और पत्र अभियान जारी है। वह प्रत्येक बुधवार पोस्टर लेकर कचहरी के दफ्तरों में नजर आ जाते हैं। पीएम मोदी को भी पत्र लिखकर भ्रष्टाचार मिटाने की अपील की है। वे बताते हैं कि अब तक वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ही जवाब दिया है।
विज्ञापन

रविवार को चलता है अभियान

सफाई करते कृष्‍ण कुमार खन्ना
केके खन्ना इन दिनों स्वच्छता अभियान से जुड़े हैं। पहले वह अपने आसपास की गलियों आदि को साफ किया करते थे। लेकिन अब शहर की सामाजिक संस्था ‘पहल एक प्रयास’ से जुड़ गए हैं। प्रत्येक रविवार इस संस्था की युवा टीम के साथ केके खन्ना सफाई अभियान में जाते हैं। खन्ना के एक हाथ में बेंत और दूसरे में झाडू़ होती है। उनके नि:स्वार्थ और समर्पित सेवाभाव को देख हर कोई अवाक रह जाता है। केके खन्ना कहते हैं कि 1947 में हमें सिर्फ अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति मिली थी। भ्रष्टाचार और मानसिक गुलामी के शिकार हम आज भी हैं। स्वच्छता के मामले में भी यही स्थिति है और इस सबके लिए सरकारें और जनता दोनों जिम्मेदार हैं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें