डीएम आवास और एसएसपी ऑफिस से चंद कदमों की दूरी पर रविवार दोपहर हुए सड़क हादसे ने सरकारी सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए। ई-रिक्शा से टकराकर पलटे टेंपो के नीचे दबकर महिला, पुरुष और बच्चे घायल हो गए, जो काफी देर तक बीच सड़क पर इलाज के लिए तड़पते रहे। लेकिन भीड़ और पुलिस तमाशबीन बनी रही। दस मिनट तक सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंची। बाद में निजी एंबुलेंस से घायलों को निजी अस्पताल भेजा गया।
समर गार्डन, लिसाड़ी गेट निवासी सलीम रविवार दोपहर परिवार के साथ टेंपो से मुजफ्फरनगर के लिए निकला था। टेंपो में सलीम, अमरीन, समरीन, समीर, मुन्नी, उज्जेब और रज्जो बैठे थे। अंबेडकर चौराहे पर सामने से आ रही ई-रिक्शा से टेंपो की भिड़ंत हो गई। ई-रिक्शा में श्यामनगर निवासी चालक सुहेब के अलावा परवेज, चांद और तीन महिलाएं सवार थीं। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो और ई-रिक्शा दोनों पलट गए। दोनों चालकों के अलावा टेंपो सवार महिला का पैर सड़क और टेंपो के बीच फंस गया।
घायलों की चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों ने किसी तरह टेंपो खड़ा कर घायलों को निकाला। घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर यूपी-100 की गाड़ी भी खड़ी थी। एक्सीडेंट का पता चलते ही सिविल लाइन पुलिस भी पहुंच गई। लेकिन उसके बावजूद दोनों वाहनों में सवार लोग घायलावस्था में बीच सड़क पर पड़े रहे। लेकिन वहां मौजूद पुलिस और लोग तमाशबीन बनकर सरकारी एंबुलेंस बुलाने की बात कहते रहे। दस मिनट बाद तक भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पुलिस ने वहां से गुजर रही निजी एंबुलेंस को रुकवाकर घायलों को पास ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के अनुसार दोनों वाहनों में सवार आठ लोग घायल हुए हैं। जिनमें महिला समेत दो लोगों की हालत गंभीर है। कुछ लोगों ने इस दौरान टेंपो में आग लगाने की बात कही तो पुलिस के हाथ पैर फूल गये। उस समय पुलिस अफसरों की पुलिस लाइन में चुनावी मीटिंग चल रही थी।
हादसों वाला चौराहा
अंबेडकर चौराहे पर तीन माह पहले भी वैगनआर कार की टक्कर से बाइक सवार दंपति गंभीर घायल हो गया था। पांच पहले दो कारें भिड़ गई थी। दरअसल सड़क चौड़ी होने के बावजूद यहां न तो कोई ब्रेकर है और न ही ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगती है। जबकि पास ही डीएम आवास और एसएसपी ऑफिस है।