फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व गुर्दा दिवस: शुरुआती दौर में हो जाए इलाज तो गंभीर न होगी बीमारी

Thu, 12 Mar 2020 10:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
किडनी
विज्ञापन

पिछले कुछ सालों में क्रॉनिक किडनी रोग यानी गुर्दे खराब होने की समस्या तेजी से बढ़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि शुरुआती दौर में जांच और प्रबंधन से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। लोगों को जागरूक करने के 12 मार्च को विश्व गुर्दा दिवस मनाया जाएगा।

विज्ञापन


इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन शर्मा ने बताया कि ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट रोग और किडनी फेलियर का उनका पारिवारिक इतिहास है तो उनमें गुर्दा खराब होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है।

गुर्दा खराब होने के शुरुआती चरण में कोई भी लक्षण सामने नहीं आता है। यह साइलेंट रहता है। यही वह चरण होता है जब बीमारी का इलाज पूरी तरह संभव होता है। ऐसे में शुरुआती दौर में जांच और इलाज बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर इसका वक्त पर इलाज नहीं किया गया तो आगे चलकर किडनी फेल हो सकती है।
विज्ञापन


मेडिकल कॉलेज केमेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य ने बताया कि किडनी की सेहत के बारे में जागरूकता जरूरी है। अगर आपको डायबीटीज है तो अपना ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रखें।

अगर आपकी उम्र 60 साल से अधिक है और आपको डायबीटीज है तो अपने ब्लड प्रेशर पर कड़ी नजर रखें और इसे 140/90 या इससे कम रखने का लक्ष्य रखें। 60 से अधिक उम्र के ऐसे मरीज, जिन्हें डायबीटीज नहीं है, उन्हें अपना ब्लड प्रेशर 150/90 से कम रखने का प्रयास करना चाहिए।

ऐसे करें बचाव
- शरीर का वजन स्वस्थ सीमा में रखें।
- नमक का इस्तेमाल कम करें।
- अगर आपको डायरिया, उल्टी, बुखार आदि है तो डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए खूब तरल पदार्थ लें।
- नियमित रूप से व्यायाम करें।
- धूम्रपान या अन्य तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल न करें। धूम्रपान से किडनी में रक्तसंचार कम हो जाता है, जिससे पहले से हो चुकी समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
विज्ञापन

- पेन किलर या दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल कम करें, क्योंकि ये आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- अगर आप हाई रिस्क ग्रुप में आते हैं तो किडनी फंक्शन की जांच नियमित रूप से कराएं। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें