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Meerut News: जरा संभलकर...ये दिल्ली-हरिद्वार हाईवे हादसों का हाईवे है

Fri, 27 Dec 2024 01:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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- जिले में 28 में से 15 ब्लैक स्पॉट एनएच-58 पर चिन्हित
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- इस साल 377 लोगों की जा चुकी सड़क हादसों में जान
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जनपद की सड़कें इंसानी खून से लाल हो रही हैं। जिले में सबसे अधिक हादसे नेशनल हाईवे पर हो रहे हैं। तेज रफ्तार, गलत ओवरटेक, नींद की झपकी, घना कोहरा और जर्जर मार्ग हादसों के कारण बन रहे है। अपनों की मौत से परिवार टूट रहे हैं। इसके बावजूद नागरिक इन हादसों से सबक नहीं ले रहे है।
जिले में सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, मुख्य सम्पर्क मार्गों समेत अन्य सड़कों पर बने कट मौत का सबब बने हैं। जनपद की सड़कों पर 28 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां लगातार हादसे हो रहे है। दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर सबसे अधिक 15 ब्लैक स्पॉट हैं। दौराला, परतापुर और कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में हुए सबसे अधिक हादसों में लोगों की मौत हुई है। इस वर्ष अभी तक 377 लोगों की जान सड़क हादसों में जा चुकी है। इन दिनों कोहरे में भी दर्जनों हादसे हो चुके हैं।
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इस वर्ष हो चुके 881 सड़क हादसे
जनपद में इस साल अभी तक 881 सड़क हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 377 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 905 लोग घायल हुए है। साल पूरा हाने में अभी भी एक सप्ताह बाकी है। हादसों का यह आकंड़ा बढ़ भी सकता है।
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जनपद में इन स्थानों पर होते हैं ज्यादा हादसे
- दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर परतापुर थाना क्षेत्र में रिठानी पीर, परतापुर तिराहे, भूड बराल, मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल के सामने, हाेटल बिग बाइट के सामने कट के सामने हादसे हो रहे हैं।
- दौराला थाना क्षेत्र में भराला कट, मटौर कट, वाजिदपुर कट, सकौती कट, नंगली कट, रुहासा कट, ए टू जेड कट पर सबसे अधिक हादसे होते है। इन कटों पर हर माह 10 से 12 हादसे हो रहे हैं।
- कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में डाबका कट, जटौली कट, खटौली कट पर आए दिन हादसे होते हैं।
- किठौर क्षेत्र में गढ़ हाईवे पर नंगली किठौर शौल्दा कट भी हादसों का सबब बना है।
- खरखौदा क्षेत्र में मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर नालपुर कट, फफूंडा कट पर लगातार हादसे हो रहे हैं।
- मेरठ-पौड़ी हाईवे पर इंचौली और गंगा नगर थाना क्षेत्र भी हादसों से अछूता नहीं है। यहां पर भी लगातार हादसे हो रहे हैं। बहसूमा क्षेत्र में झुनझुन मोड़ पर हादसे होते हैं।
- साकेत चौराहे से छोटा मवाना पुलिस चौकी तक बने दुर्घटना संभावित स्थान हैं।
- 18 किलोमीटर हाईवे लंबे मेरठ पौड़ी हाईवे पर सात स्पाॅट। अभी तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
- डेयरी फार्म पर तीव्र मोड़ पर वाहन चालक नियंत्रण खो देते हैं। भगत लाइंस पर भी हादसे होते हैं।
- सलारपुर गांव में अवैध कट के आसपास पिछले एक साल में करीब 5 मौत हुई हैं।
- सैनी गांव स्थित पेपर मिल के सामने अतिक्रमण के चलते हादसे होते हैं।
- इंचौली गांव में पुलिस थाने के सामने कट होने के चलते हर रोज हादसे होते हैं।
मसूरी फ्लाईओवर अंधेरे में डूबा
मसूरी फ्लाईओवर के नीचे ज्यादा हादसे होते है। 5 साइड से यहां लोग आते जाते हैं। यहां रात में ज्यादा हादसे होते हैं। यहां स्ट्रीट लाइट भी नही लगी हैं। कुछ ही दिनों में 3 लोगों की मौत हो चुकी हैं। उधर, नंगली ईशा गांव में हाईवे के दोनों ओर घनी आबादी है। कोई अंडरपास नही है जिसके चलते ग्रामीण अवैध कट से हाईवे पर करते है। इस कारण भी हादसे हो हो रहे है।
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वर्जन-
-नेशनल हाईवे पर अधिक हादसे हो रहे हैं। सभी हाईवे पर मुख्य मार्गों पर 28 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। हादसों की रोकथाम के लिए संकेतक भी लगाए गए हैं। काेहरे में सफेद पट्टिका बनाई गई है। वाहन चालकों को यातायात के नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाना चाहिए।
राघवेंद्र मिश्र, पुलिस अधीक्षक यातायात
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