-विश्वविद्यालय द्वारा समाज कल्याण विभाग को भेजी सूची में बीकॉम गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्नातक ऑनर्स कोर्स शुरू कर दिए, लेकिन बीकॉम ऑनर्स चार वर्षीय कोर्स को एप्रूवल नहीं मिलने के कारण समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर यह कोर्स अपलोड नहीं है। इस कारण बीकॉम ऑनर्स के छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। छात्रों ने इसके विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है।
नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय ने स्नातक ऑनर्स शुरू किए थे। इनकी अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष कर दी गई थी। विश्वविद्यालय ने सारे कोर्सों को एप्रूव्ड करके समाज कल्याण विभाग को सूची तो भेज दी, लेकिन चार वर्षीय बीकॉम ऑनर्स काे एप्रूव्ड नहीं किया। इस कारण बीकॉम ऑनर्स के 120 विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें छात्रवृ़त्ति मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।
विवि के छात्र कल्याण अधिष्ठाता ने शैक्षिक सत्र 2024-25 के दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए बीएससी ऑनर्स सांख्यिकी, बीए ऑनर्स अर्थशास्त्र, बीए ऑनर्स समाजशास्त्र, बीए ऑनर्स हिंदी, बीए ऑनर्स संस्कृत, बीए ऑनर्स मनोविज्ञान, बीए ऑनर्स उर्दू, बीए ऑनर्स राजनीति शास्त्र, बीए ऑनर्स अंग्रेजी, बीएससी ऑनर्स वनस्पति विज्ञान, बीएससी ऑनर्स गणित, बीएससी ऑनर्स भौतिक विज्ञान के पाठ्यक्रमो को मास्टर डाटा में शामिल कराने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र लिखा है, लेकिन इसमें बीकॉम ऑनर्स शामिल नहीं है। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश है।
छात्र नेता अक्षय बैसला का कहना है कि विश्वविद्यालय की लापरवाही से बीकॉम ऑनर्स चार वर्षीय कोर्स के छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन मार्कशीट मुद्रण, परीक्षा फॉर्म, स्कॉलरशिप फॉर्म, समर्थ पोर्टल, प्रवेश, परीक्षा परिणाम आदि व्यवस्थ बनाने में फैल हो चुका है। इसके विरोध में जल्दी ही आंदोलन किया जाएगा।