बहसूमा। हस्तिनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अमित त्यागी ने बताया कि बथुआ सर्दियों का सुपर फूड है। इसे आयुर्वेद में पेट की समस्या के लिए रामबाण माना गया है। सर्दियों के मौसम में बथुए का सेवन करना मानव शरीर के पेट के लिए रामबाण है। यह पेट को साफ करता है। जोड़ों के दर्द गठिया बाई के रोगियों को बथुवा के पौधे पर सर्दी की रात को सफेद चादर बिछाकर सुबह ओस की चादर को नीम की छांव में सुखाने के बाद रोज बिस्तर पर इसे बिछाकर सोने की सलाह दी जाती है। तीन महीने लगातार बथुआ के रस का सेवन करने से भी गठिया व बाय रोग ठीक हो जाता है। कृषि विशेषज्ञ मुकेश सिंह ने बताया कि यह हरे रंग का जंगली खरपतवार है। यह अपने आप ही गेहूं व चने की फसल में उत्पन्न हो जाता है। बताया जाता है कि महात्मा विदुर ने श्री कृष्ण को प्रसाद के रूप में बथुआ का एक पत्ता दिया था। तभी उन्होंने कहा था कि इस क्षेत्र से बथुआ कभी गुम नहीं होगा। संवाद