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वसंत पंचमी: पतंगों से पटा मेरठ का आसमान, डीजे पर थिरक रहे युवा और बच्चे, चीनी मांझे का धड़ल्ले से इस्तेमाल

Fri, 23 Jan 2026 08:55 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: शुक्रवार को वसंत पंचमी पर मेरठ समेत आसपास के जिलों में परंपरा के अनुसार सुबह से ही पतंगबाजी की जा रही है। लोगों ने छतों पर डीजे लगा रखे हैं। हालांकि रात में और सुबह के समय बूंदाबांदी होने से मौसम ठंडा हो गया है।
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आसमान में उड़ती पतंगें।
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विस्तार
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मेरठ में वसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही छतों पर युवाओं की टोली पतंगबाजी में जुट गई है। बूंदाबांदी के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं है। डीजे की धुन पर युवक और बच्चे थिरक रहे हैं।
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पतंगबाजी के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में पतंग और मांझे की दुकानें कई दिन से सजी हुई हैं। लोगों ने अपनी पसंदीदा पतंग और मांझे की खरीद की है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन फिर भी कुछ लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। मेरठ के सदर बाजार, रजबन, दाल मंडी, गंज बाजार, ब्रह्मपुरी, दिल्ली रोड, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, हापुड़ अड्डा, बुढ़ानागेट, शाहपीर गेट, रोहटा रोड, तारापुरी, श्यामनगर, गोला कुआं, माधवपुरम, मोदीपुरम, पल्लवपुरम समेत पूरे शहर में पतंगबाजी की जा रही है। 
 

वसंत पंचमी के अवसर पर शहर में 600 से अधिक शादियां होने की संभावना है, जिससे शहर के विवाह मंडपों में रौनक है। लोगों ने अपनी छतों को रंगीन लाइटों और फूलों से सजाया है, और डीजे की धुन पर नाच-गाकर वसंत पंचमी का जश्न मनाया जा रहा है।
 

पुलिस प्रशासन ने चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों ने दुकानों पर जाकर जांच की और चाइनीज मांझे को जब्त किया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे जान का खतरा हो सकता है।
 
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पक्षियों को भी खतरा
पतंग के मांझे से पक्षियों को बहुत नुकसान होता है। मांझे में इस्तेमाल होने वाले चाइनीज धागे में नायलॉन और धातु के टुकड़े होते हैं, जो पक्षियों की गर्दन और पंखों में फंस जाते हैं। इससे पक्षियों को गंभीर चोटें लगती हैं और उनकी मौत भी हो जाती है। 

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