पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के विरोध में मोदी सरकार को घेरने चले कांग्रेसी एकजुट नहीं हो सके। गुटबाजी का शिकार हो रहे पार्टी नेताओं ने अलग-अलग धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जनविरोधी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई है।
बैंक घोटाले के विरोध में पार्टी हाईकमान ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के निर्देश दिए थे। इसके लिए प्रदेश स्तरीय नेताओं को धरना प्रभारी बनाकर भेजा गया था। मंगलवार को महानगर कांग्रेस कमेटी ने जहां महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा किशनी के नेतृत्व में बच्चा पार्क पर प्रदर्शन किया वहीं जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रभारी जिलाध्यक्ष विनोद मोघा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पूर्वाह्न 11 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसी जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देकर बैठ गए। विनोद मोघा ने कहा कि नीरव मोदी ने अब तक का सबसे बड़ा बैंक घोटाला करके देश को लूटने का काम किया है, लेकिन इस पर पीएम ने चुप्पी साध रखी है। वरिष्ठ नेता चौधरी यशपाल सिंह ने पीएम पर हमला बोलते हुए कहा कि रोम लुट रहा है और नीरो चैन की बंसी बजा रहा है। पूर्व विधायक पंडित जयनारायण शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी दिल्ली की तिजौरी का चौकीदार बनाने को कहकर सत्ता में आए थे। नीरव मोदी, ललित मोदी, विजय माल्या तिजोरी खाली करके भाग गए लेकिन चौकीदार सोता रह गया। करीब ढाई घंटे तक चले धरने के बाद कांग्रेसी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर चले गए। इस मौके पर पंडित नवनीत नागर, जयचंद त्यागी अखिल कौशिक, सत्यप्रकाश गौतम, दिनेश उपाध्याय, इमरान, वसी रिजवी, सविता सोमानी, सतीश शर्मा, शमीम काजमी, अयुब कालिया, सीमा जाटव, अजात शत्रु आदि मौजूद रहे। दूसरी तरफ महानगर कांग्रेस कमेटी ने बच्चा पार्क पर मौन धरना देकर प्रदर्शन किया। कृष्ण कुमार शर्मा किशनी सहित सभी कार्यकर्ताओं ने मुंह पर मास्क लगा रखा था। किशनी ने कहा कि तमाम मोर्चो पर फेल मोदी सरकार के संरक्षण में देश को लूटा जा रहा है और सरकार सो रही है। नीरव मोदी दाओस में पीएम मोदी के साथ फोटो में दिख रहा है और भाजपा चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस इस पर चुप नहीं बैठेगी। इस मौके पर शबी खान, धरना प्रभारी सलमान सईद, यूसुफ कुरैशी, मुगीस जिलानी, डॉ. दिनेश मोहन शर्मा, सैयद सलीमुद्दीन शाह, हरिकिशन वर्मा, फुरकान चौधरी, श्याम सुंदर गुप्ता, तेजवीर सिंह, मासूम असगर, संजीव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।