बांग्लादेश से आए 30 प्रशासनिक अधिकारियों के दल ने बुधवार को मेरठ जनपद की प्रशासनिक, पुलिस और पंचायती व्यवस्था के साथ कृषि व्यवस्था को जाना। बांग्लादेश के 34वें करियर प्रशिक्षण दल को तमाम व्यवस्थाओं की बारीकी से जानकारी दी गई।
मसूरी एकेडमी के प्रतिनिधि एके सिंह और मुकेश भंडारी के नेतृत्व में आए बांग्लादेशी दल में वहां के एसडीएम और एडीएम स्तर के अधिकारी थे। सुबह 10 बजे बचत भवन पहुंचे दल का डीएम बी. चंद्रकला के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया। उन्होंने बताया कि जनपद को मेरठ, सरधना और मवाना तहसीलों में विभाजित किया गया है। वहीं डीएम बी. चंद्रकला ने बांग्लादेशी दल को बताया कि हस्तिनापुर इसी जनपद में है जो पांडवों और कौरवों की राजधानी थी। उसी के पास परीक्षितगढ़ भी है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की 1857 की क्रांति में मेरठ का बड़ा योगदान रहा। छावनी क्षेत्र आज भी स्वतंत्रता संग्राम की क्रांति का साक्षी है। साथ ही मेरठ स्पोर्ट्स सामान बनाने में विश्व विख्यात है। सीडीओ विशाख जी ने जनता के लिए जारी शासन की योजनाओं और विकास से जुड़े तमाम विभागों की जानकारी दी। सीओ कोतवाली रणविजय सिंह ने पुलिस और कानून व्यवस्था के बारे में बताया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चंद्र, उप जिलाधिकारी सदर हर्षिता माथुर, उप जिलाधिकारी सरधना राकेश कुमार सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अरविंद सिंह, एसीएम कुमार भूपेंद्र सिंह, एसीएम सतेंद्र बहादुर सिंह, अपर नगर आयुक्त राम भरत तिवारी, परियोजना निदेशक आरके त्रिवेदी, डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह सहित कृषि, गन्ना, पीडब्ल्यूडी, आदि विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सरधना तहसील और मंढियाई गांव का किया दौरा
बांग्लादेशी प्रतिनिधि मंडल ने सरधना तहसील जाकर वहां की कार्यप्रणाली को देखा और इसके बाद मंढियाई गांव जाकर पंचायत की कार्यप्रणाली को देखने के साथ खेत खलियान का दौरा कर किसानों से भी अनुभव साझा किए।