बल्लो वाल्मीकि ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसकी किस्मत एक दिन के लिए ऐसी चमकेगी कि उसका नाम अमर हो जाएगा। मंगलवार को कलक्ट्रेट में ई-गवर्नेंस सेल के उद्घाटन शिलापट पर जिलाधिकारी के साथ जिस महिला का नाम उद्घाटनकर्ता के रुप में अंकित हुआ है, वह कलक्ट्रेट में रोजाना भीख मांगती है।
जिलाधिकारी के साथ फीता काटते हुए बल्लो के चेहरे की चमक देखते ही बन रही थी। थाना लालकुर्ती क्षेत्र की रहने वाली बल्लो वाल्मीकि बहुत गरीब है। अक्सर कलक्ट्रेट में भीख मांगती देखी जा सकती है। बल्लो को जो कल तक कार्यालयों के भीतर भी नहीं घुसने देते थे और दूर से ही उसे देखकर रास्ता तक बदल लेते थे।
आज उसी बल्लो की आवभगत में पूरा स्टाफ लगा था। सीडीओ नवनीत सिंह चहल ने जब फूलों का गुलदस्ता देकर उसका स्वागत किया तो वह खुशी से चहक उठी। इस ई-गवर्नेंस सेल को आम जनता के लिए शुरू किया गया है। इसके उद्घाटन के लिए उम्मीद की जा रही थी कि सरकार के किसी प्रतिनिधि को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जाएगा।
लेकिन जिलाधिकारी पंकज यादव ने एक नयी सोच के साथ बल्लो से जिस तरह उद्घाटन कराया, वह जहां बल्लो को एक दिन की कभी न भुलाने वाली खुशी दे गया, तो दूसरे लोगों को भी सोचने के लिए मजबूर कर गया। उद्घाटन के दौरान एडीएम गौरव वर्मा, एसडीएम रवीश गुप्ता, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मनोज कुमार यादव आदि मौजूद रहे।
यह है ई-गवर्नेंस सेल
मेरठ। कलक्ट्रेट में ई-ऑफिस से आठ विभागों की 26 सेवाओं को संचालित किया जाएगा। यह पूरी तरह कागज विहीन व्यवस्था होगी। डीएम पंकज यादव ने इस सेल के शुभारंभ के साथ इसके बारे में जानकारी दी। डीएम ने कहा कि इसमें विभिन्न पेंशन, आय और जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य विभिन्न सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2012 को प्रदेश के समस्त जिलों में स्टेट सर्विस डिलीवरी गेट-वे योजना प्रारंभ की गई थी।
इसके अंतर्गत आठ विभागों की 26 सेवाओं को लांच किया गया। इसी के तहत मेरठ जिले में लगभग पांच लाख प्रमाणपत्र तीन वर्षों में जारी किए गए। इस सेवा के सही प्रकार संचालन के कारण शासन द्वारा जनपद मेरठ को ई-डिस्ट्रिक्ट घोषित किया गया। इसमें जनपद मुख्यालय के साथ ही जिले में कुल 25 स्थानों पर कंप्यूटर कक्ष, कंप्यूटर सेट स्थापित कराए गए।
प्रशासन हुआ कंप्यूटराइज्ड
डीएम ने बताया कि ई-गवर्नेंस सेल को ई-डिस्ट्रिक्ट में सम्मिलित सभी नौ विभागों के कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान करने एवं अन्य शासकीय प्रायोजन हेतु तैयार किया गया है। इस सेल के तहत जिला मुख्यालय के कार्यालय में 14 कंप्यूटर, आठ प्रिंटर, तीनों तहसीलों में चार-चार कंप्यूटर, एक-एक प्रिंटर के साथ ही एसडीएम और तहसीलदार को लैपटॉप दिए गए।
इनके अलावा जिले के सभी 12 ब्लॉकों में तीन-तीन कंप्यूटर और एक-एक प्रिंटर दिया गया। वहीं संबंधित सभी नौ विभागों के जनपदीय कार्यालयों में भी दो-दो कंप्यूटर और एक-एक प्रिंटर दिया गया है। इस तरह शासन ने ई-गवर्नेंस सेल के तहत मेरठ मेें 80 कंप्यूटर, 32 प्रिंटर और उसके सहायक उपकरण उपलब्ध कराए हैं।