मेरठ। विजिलेंस द्वारा रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार हुई मथुरा की डीपीआरओ किरन चौधरी की जमानत शुक्रवार को टल गई। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख लगाई है। किरन चौधरी मेरठ कारागार में बंद है। शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
विजिलेंस लखनऊ की टीम ने गत 4 फरवरी को मथुरा में वहां की डीपीआरओ किरन चौधरी और सेवानिवृत्त चालक को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ से उन्हें 5 फरवरी को जेल भेज दिया गया है। इसके बाद शासन ने उनका निलंबन आदेश जारी किया था।
डीपीआरओ के अधिवक्ता की ओर से भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में जमानत अर्जी लगाई थी। जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी। सुनवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने डीपीआरओ की जमानत पर विरोध जताया। कहा कि डीपीआरओ की जमानत के बाद जांच प्रभावित होगी। साथ ही शिकायतकर्ता भी सहयोग करना बंद कर देंगे। अभी तक की जांच डीपीआरओ के खिलाफ है। सुनवाई के लिए आगरा विजिलेंस के इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह, अशोक कुमार समेत चार सदस्यीय टीम मेरठ पहुंची थी। जिस न्यायालय ने सुनवाई टाल दी। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख नियत की है।
गर्भवती है डीपीआरओ
मेरठ। जिला कारागार में बंद मथुरा की डीपीआरओ किरण चौधरी गर्भवती है। वह महिला बैरक में अन्य महिला बंदियों के साथ रह रही है। किरण चौधरी ने जेल अधिकारियों से बात कर खुद का गर्भवती बनाया था। जेल प्रशासन ने अस्पताल में उनका अल्ट्रासाउंड कराया है। रिपोर्ट में गर्भवती होने की पुष्टि हो गई है। साथ ही डॉक्टर ने उनका स्वास्थ्य भी सही बताया है।