बागपत के बड़ौत से शहीद जवान की पत्नी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पुलिस शहीद जवान की पत्नी की ड्रोन से तलाश करा रही है। वहीं चार दिन से लापता शहीद की पत्नी की बरामदगी के लिए परिजनों व ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से अपहृत शहीद की पत्नी की बरामदगी के लिए ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने एसपी से अपहृता को जल्द बरामद करने की मांग की।
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एसपी कार्यालय पर पहुंचे गांव बिजरौल निवासी विक्की तोमर ने बताया कि उसके जीजा धर्मेंद्र सैनिक थे। 16 साल पहले असम में नक्सली हमले में धर्मेंद्र शहीद हो गए थे। जिसके बाद से उसकी बहन बेबी गांव में मायके में रह रही है।
बताया कि मंगलवार की सुबह उसकी बहन दूसरे वर्ग के लोगों से उधार दिए हुए रुपये वापस लेने गई थी, लेकिन उसके बाद वापस नहीं आई। उन्होंने एसपी से शहीद की पत्नी को जल्द बरामद करने की मांग की। मांग करने वालों में जयवीर सिंह एडवोकेट, थांबा चौधरी यशपाल सिंह, पूर्व प्रधान अशोक, शामिल रहे।
ड्रोन से की जा रही शहीद की पत्नी तलाश
शुक्रवार को पुलिस गांव में पहुंची और दबिश देकर दूसरे वर्ग के छह लोगों को हिरासत मेें लिया। शहीद की पत्नी की तलाश में पुलिस ने गांव और आसपास के क्षेत्र में ड्रोन उड़ाया।
इस दौरान पुलिसकर्मियों ने तालाब में घुसकर भी तलाश किया लेकिन महिला का कुछ पता नहीं चल सका। सीओ युवराज सिंह ने बताया कि पुलिस टीम लापता महिला की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही महिला को बरामद कर लिया जाएगा।