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UP: बदमाश सुनील खुद को बताता था गोरक्षक, शराब के लिए रुपयों के चक्कर में की हत्या; डबल मर्डर में बड़ा खुलासा

Thu, 18 Jun 2026 03:26 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

बागपत में व्यापारी सोहनलाल व उनके बेटे विकास की हत्या में नया खुलासा हुआ है। बदमाश सुनील खुद को गोरक्षक बताता था। शराब के लिए रुपयों के चक्कर में डबल मर्डर को अंजाम दिया गया था। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर दोस्ती के दो दिन बाद बड़ौत आकर हिस्ट्रीशीटर वरुण के साथ मिलकर हत्या कर दी थी।
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baghpat murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बागपत में व्यापारी सोहनलाल व उनके बेटे विकास की हत्या में शामिल बदमाशों सुनील उर्फ जोनी और भीमसैन निवासी मंडौली कलां जिला भिवानी हरियाणा के बारे में पुलिस को काफी जानकारी मिली थी। यह दोनों दोस्त थे और इनमें बदमाश सुनील खुद को गो रक्षक बताता था। इन दोनों को शराब के लिए रुपये की जरूरत थी, इसलिए इंस्टाग्राम व फेसबुक पर दोस्ती के दो दिन बाद बड़ौत में आकर घटना को अंजाम दिया।
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मुठभेड़ में दोनों पैरों में गोली लगने पर पकड़े गए भीमसैन से पुलिस ने पूछताछ की। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि मंडौली कलां गांव में युवाओं ने ग्रुप बना रखे हैं। वे भी सुनील के साथ ग्रुप में शामिल हैं और सुनील गो रक्षक बनकर काम करता है। 

साथ ही सुनील वीडियो व फोटो भी सोशल मीडिया पर डालता रहता है। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर सात जून को हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी की सुनील से दोस्ती हुई थी। इसके बाद उनकी मोबाइल पर बातचीत हुई और सुनील ने ही भीमसैन की बात वरुण से कराई थी। 
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वरुण ने दोनों से व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल की हत्या करने के लिए कहा और इसके लिए 20 हजार रुपये तय हुए। दोनों को शराब के लिए रुपये की जरूरत थी, इसलिए वे तैयार हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद भीमसैन के हिस्से में साढ़े छह हजार रुपये आए थे।
 

घर के बाहर गाड़ी में बैठे लोगों का पता लगाने की मांग
टेंट व्यापारी सोहनलाल व बेटे विकास की हत्या के समय दुकान के बाहर खड़ी एक गाड़ी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसमें कुछ लोग भी बैठे दिख रहे हैं। गाड़ी के बरामद नहीं होने पर व्यापारी परिवार की तरफ से सवाल उठ रहे हैं तो पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वहीं हत्या की प्राथमिकी में नामजद हिस्ट्रीशीटर जयंत उर्फ गोलू, सचिन उर्फ मोंटू, वरुण का भाई करुण अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
 

यूपी और हरियाणा पुलिस में खींचतान
सुनील को पकड़ने के लिए बागपत पुलिस जब भिवानी पहुंची, तभी भिवानी की सीआईए काले रंग की गाड़ी लेकर उसके घर पहुंच गई। वहां से सुनील को पकड़कर एक पिस्टल और 30 कारतूस बरामद करके ले गई।
 

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और कॉल डिटेल की जांच के आधार पर बागपत पुलिस ने अधिकारियों को पत्र लिखा तो यूपी के डीजीपी ने हरियाणा के डीजीपी को पत्र भेजा। इसके बाद सीआईए प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया और वहां का एक बड़ा अधिकारी भी जांच की जद में आ गया है।

पिता की रिहाई की मांग को लेकर एसपी से मिले
बागपत जिला जाट महासभा के पदाधिकारियों के साथ बुधवार को काफी संख्या में लोग एसपी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने तीन मांगों को लेकर एसपी को ज्ञापन सौंपा। एसपी से हिस्ट्रीशीटर वरुण के पिता मास्टर बाबूराम की रिहाई कराने, भड़काऊ बयानबाजी करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। 

 

जिला जाट महासभा के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका एडवोकेट ने बताया कि बड़ौत की घटना के बाद सार्वजनिक मंचों से एक जाति के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की जा रही है, जिससे सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो रही है। उन्होंने भड़काऊ बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 

 

उन्होंने बताया कि दोहरे हत्याकांड में मास्टर बाबूराम की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराकर रिहाई कराई जाए, जिससे उन्हें न्याय मिल सके। इसके अलावा वरुण की हत्या की प्राथमिकी में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। 

 

एसपी सूरज कुमार राय ने निष्पक्ष कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर देवेंद्र धामा, सपा नेता शौकेंद्र तोमर, संजीव चौधरी, अनुज ढाका, डॉ. गौरव चौधरी, वीरेंद्र राणा आदि मौजूद रहे। 
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चंडीगढ़ में सेटिंग करके आरोपियों को पकड़ने पर जेल गए थे पुलिसकर्मी
वर्ष 2025 में एटीएम में डालने के लिए 5.21 करोड़ रुपये बैंक से लेकर गबन करने के मुख्य आरोपियों गौरव व रॉकी को चंडीगढ़ के पुलिसकर्मियों ने तमंचे, कारतूस के साथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बागपत पुलिस के आपत्ति जताने के बाद चंडीगढ़ में डीसीसी प्रभारी जसमिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल सतीश और सीनियर कांस्टेबल समुंदर को निलंबित कर दिया। इसके बाद तीनों पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाकर बागपत जेल लाया गया।
 
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