गंगानगर में कैप्टन के घर में लूटपाट के बाद चोटिल वृद्धा
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शहर की पॉश कॉलोनियां बदमाशों के साफ्ट टारगेट पर हैं। गंगासागर कॉलोनी में नेवी कैप्टन में घर डकैती के बाद कई सवाल उठने लगे है। सुरक्षा के लिहाज से अधिकांश अफसर पॉश कॉलोनियां में आवास तो बना लेते हैं, लेकिन वारदात होने के बाद खुद को असुरक्षित महसूस करते है। कॉलोनी में एक गेट से एंट्री और सिक्योरिटी गार्ड की सुविधा होती है। इसके बावजूद ऐसी कॉलोनियों में संगीन वारदात हो जाए तो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लाजिमी हैं।
कहां गए थे गार्ड
पुलिस के मुताबिक कॉलोनी में कुछ दिनों से कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं है। कॉलोनी एसोसिएशन से इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। लोगों ने बताया कि भावनपुर पुलिस गंगासागर कॉलोनी में अंदर गश्त नही करती। कभी-कभी आती है तो गेट पर सिक्योरिटी गार्ड से पूरी कॉलोनी की जानकारी लेकर चली जाती है।
मजदूर हो सकते बदमाश
सीओ सदर देहात ज्ञानवती तिवारी ने बताया गंगासागर कॉलोनी में कई मकानों में निर्माण चल रहा है। जिसके चलते कॉलोनी में मजदूरों की आवाजाही ज्यादा है। निर्माण के चलते कॉलोनी में मुख्यद्वार के अलावा पीछे से भी एक रास्ता बनाया हुआ है। इस वारदात में मजदूरों पर शक जताया जा रहा है, जिनसे पूछताछ करनी है।
सेंसर बल्ब का तार हटा मिला
कैप्टन के मकान में एक सेंसर बल्ब लगा है। जिसके नीचे कोई व्यक्ति आएगा, तब बल्ब जलेगा और घंटी भी बजेगी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने सेंसर बल्ब को चैक किया तो उसका तार हटा मिला। जिस पर पुलिस ने शक जताया कि वारदात करने वाले बदमाशों को मकान के अंदर की जानकारी थी।
घटना में सवाल
घटनास्थल पर एसओ भावनपुर मोहन सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे। एसओ ने बताया कि जिस कमरे में कैप्टन की पत्नी सोई थी, उसमें ज्यादा सामान था। उस कमरे का दरवाजा खुला था। लेकिन बदमाशों ने उस कमरे में एंट्री करना भी उचित नहीं समझा। केवल बुजुर्ग महिला को गन प्वाइंट पर लेकर वारदात की।