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यूपी पुलिस नाकाम साबित: फेसबुक पर फिर सक्रिय हुआ ढाई लाख का इनामी बदन सिंह बद्दो, पूर्व डीजीपी पर उठाए सवाल

Tue, 17 Aug 2021 11:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

ढाई लाख का इनामी बदन सिंह बद्दो एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। उसने फेसबुक पर पोस्ट डालकर पूर्व डीजीपी समेत कई अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं।
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बदन सिंह उर्फ बद्दो
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विस्तार
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ढाई लाख के इनामी मोस्ट वांटेड बदन सिंह बद्दो को पकड़ने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। अब बद्दो की फेसबुक पोस्ट ने मेरठ से लेकर लखनऊ तक खलबली मचा दी है। उसने भाजपा सांसद व पूर्व डीजीपी बृजलाल समेत कई अफसरों व सरकारों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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12 अगस्त को डीजीपी मुकुल गोयल मेरठ दौरे पर आए थे। उन्होंने अपराध की समीक्षा कर ढाई लाख के इनामी बद्दो पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसकी जानकारी लगते ही 14 अगस्त को बद्दो ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर पूर्व डीजीपी बृजलाल पर गंभीर आरोप लगाए। उसने केबल व्यवसायी, एक विधायक, एक आईपीएस समेत कई पुलिस अधिकारियों और सरकारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। अपराध की दुनिया से पुलिस अधिकारी और नेताओं का गहरा कनेक्शन बताते हुए 20 साल पहले के अपराध का जिक्र किया।

पुलिस के दावे की खोली पोल
पुलिस अधिकारी दावा करते हैं कि 28 मार्च 2019 से फरार बद्दो की तलाश में सुरक्षा एजेंसियां भी लगी हैं। बावजूद वह लगातार पुलिस को चुनौती देता रहता है। फिर से पुलिस के दावे की उसने पोल खोल दी। आशंका तो यह भी है कि सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय बद्दो व्हाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से कॉल करके अपने गुर्गों से बात करता है। पुलिस उसे पकड़ने में फेल साबित हो रही है।
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पुलिस टीम बनी, फिर खंगाला रिकॉर्ड
अब पुलिस दावा कर रही है कि बद्दो को पकड़ने के लिए नए सिरे से काम किया जा रहा है। उसका रिकॉर्ड खंगालने के लिए पुलिस टीम बनाई गई है। बद्दो की फरारी के बाद की गतिविधियों की जानकारी ली गई है। कुर्की के दौरान घर पर बद्दो का महंगा सामान नहीं मिला था, उसे कौन ले गया और वह कहां है? इसके भी सबूत तलाशने में पुलिस जुटी है। बद्दो के पास एक गाड़ी थी, जोकि उसने सिख युवक को बेच दी थी।

बद्दो शातिर अपराधी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस को और काम करने की जरूरत है। वह सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पुलिस को चुनौती दे रहा है। योगी सरकार में बद्दो पर कार्रवाई हुई है। पूर्व की सरकार में उसे पूरा समर्थन मिलता था। रंगदारी, जमीन पर कब्जे और जानलेवा हमले जैसे गंभीर अपराध में दर्ज मुकदमे में एक आईपीएस ने एफआर तक लगवा दी थी। - बृजलाल, भाजपा नेता व पूर्व डीजीपी

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