लापरवाही में छह पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। बद्दो को फरार कराने में शामिल अन्य 14 लोगों पर केस दर्ज हुआ। फरार बद्दो पर ढाई लाख का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद भी सात माह से उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस और एसटीएफ की जांच में आया कि बद्दो भागने के बाद मेरठ में एक स्कूल संचालक के घर पहुंचा। वहां गाड़ी बदलकर दिल्ली आया। दिल्ली में अपने फ्लैट से ही बद्दो फरार हुआ।
बद्दो की तलाश में मेरठ पुलिस सात माह से हवा में तीर चला रही है। एसटीएफ मेरठ यूनिट को पता चला कि बद्दो बवासीर का इलाज कराने के लिए पुणे के एक अस्पताल में है। इसके बाद एसटीएफ ने पुणे में डेरा डाला, लेकिन बद्दो का कोई सुराग नहीं लगा।
एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि जांच में साफ हो गया कि बद्दो देश में ही कहीं छिपा है। भागने के बाद लुक आउट नोटिस जारी कराया गया था। उसके पासपोर्ट की भी जांच कराई गई थी। ऐसे में एसटीएफ यह मान रही है कि वह नेपाल भी जा सकता है।