2017 के नगर पालिका के चुनाव में एक ऐसा प्रत्याशी था, जिन्हें नगर की जनता ने दो बार चुनाव में प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया। व्यवस्था के चलते चार माह पहले घोषित आरक्षण से अध्यक्ष सीट ओबीसी से सामान्य महिला के खाते में चली गई थी। नई आरक्षण सूची में निकाय चुनाव के अध्यक्ष पद के लिए बृहस्पतिवार को सीट की घोषणा होने पर सियासी गर्मी का पारा चढ़ गया। सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने से भाजपा और सपा पार्टी के प्रत्याशियों के बीच मुख्य मुकाबला होने आसार बन गए हैं।
यह भी पढ़ें: UP Nikay Chunav: आखिर जारी हुई निकाय चुनाव की आरक्षण सूची, यहां देखें पश्चिमी यूपी की पूरी लिस्ट
खिवाई महिला और करनावल पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित
नगर पंचायत खिवाई को महिला और करनावल को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं, हर्रा नगर पंचायत को अनारक्षित रखा गया है। आरक्षण की सूची जारी होने के बाद प्रत्याशियों ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। नगर पंचायत हर्रा व खिवाई का गठन 2017 में हुआ था। इस बार इन दोनों निकायों में दूसरी बार चुनाव होगा। दोनों ही नगर पंचायतें मुस्लिम बाहुल्य हैं। साथ ही जातिगत आंकड़े भी ज्यादा महत्व नहीं रखते। दोनों ही नगर पंचायतों में सामान्य जाति के अधिक मतदाता हैं। करनावल में निकाय चुनाव में जहां पिछले 20 वर्षों से दो ही परिवारों का कब्जा रहा है। गत तीन योजनाओं में कोई पुरुष अध्यक्ष नहीं बना है।