किशनलाल की हत्या को हादसा बताने वाली पुलिस क्राइमसीन में उलझ गई है। पुलिस ने हादसे की पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली, लेकिन घटनाक्रम से उठ रहे सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार किशनलाल के शरीर में कोई फ्रै क्चर नहीं मिला, जबकि पुलिस के अनुसार वह 30 फीट की ऊंचाई से गिरा था।पीएम रिपोर्ट में सिर्फ सिर में मामूली चोट मिली है।
कताई मिल में ईवीएम की मशीनों की देखरेख के लिए पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। लंगूर मालिक किशनलाल की हत्या के मामले की लखनऊ और दिल्ली तक गूंज है। प्रत्याशियों का आरोप कि हत्या के पीछे कोई गहरा राज है। शुक्रवार को पुलिस ने घटनाक्रम का क्राइमसीन किया और मैप बनाकर पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर दी। पुलिस के अनुसार यह सिर्फ हादसा है। दावा है कि किशनलाल दूसरी मंजिल से करीब 30 फीट नीचे गिरा। छत पर सीमेंट की चादर है। मौके पर चादर का टूटा हुआ टुकड़ा नहीं मिला है। जिस हॉल में किशनलाल गिरा, उसमें एंट्री करने के लिए सिर्फ एक ही दरवाजा है। उस पर भी सरकारी सील लगी है। पीएम रिपोर्ट के अनुसार किशनलाल के शरीर में फ्रैक्चर नहीं मिला हादसे की बात को दरकिनार करता है।
पानी में डूबने से हुई मौत
पीएम रिपोर्ट के मुताबिक किशनलाल की मौत पानी में डूबने से हुई है। किशनलाल के सिर में मामूली चोट लगी है। आंख पर चोट के निशान, दोनों कानों और नाक से खून आना बताया गया है। शव को जिस गटर से निकाला, उसमें इतना पानी नहीं है कि कोई व्यक्ति डूब जाए। जहां से सीमेंट की चादर टूटी है, उसके ठीक नीचे भी गटर नहीं है। जोकि किशनलाल सीधा गटर में गिरा हो।
पुलिस की स्क्रिप्ट
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि किशनलाल ऊपर से गिरा और गटर के रास्ते से बाहर जाने का प्रयास किया होगा। गटर में घुसने से पहले उसने अपने कपड़े और जूते निकाले होंगे। ऐसा संभव नहीं है। 30 फीट ऊंचाई से गिरने के बाद कोई व्यक्ति अपने कपड़े गंदे होने की चिंता करेगा। उसका फोन भी नहीं टूटा है।
मजिस्ट्रेट के आदेश पर खुला गेट
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जिस हॉल में शव मिला, उसका दरवाजा मजिस्ट्रेट के निर्देश पर खुला। जबकि उससे पहले पुलिस फायरब्रिगेड को बुलाकर छत पर टूटे सीमेंट के चादर वाले रास्ते से सिपाही पुलिसकर्मी अंदर देखकर आया था। अंदर जाने के लिए चादर का टुकड़ा बाद में टूटा या फिर पहलेे से टूटा हुआ था। इसका कोई प्रमाण किसी के पास नहीं है।
हत्या की आशंका में रिपोर्ट दर्ज
पुलिस ने किशनलाल के बडे़ बेटे राजकुमार की तहरीर पर परतापुर थाने में हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस भले ही इसे हादसा मान रही हो, लेकिन हत्या के प्रमाण ज्यादा मजबूत बताए जा रहे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे भी देखे, लेकिन उस दरवाजे पर कोई फोकस नहीं हुआ।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह किशनलाल का शव सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर पहुंचा। गमगीन माहौल में उनके बेटे राजकुमार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान भाजपा नेता, प्रत्याशी और परिवार के सैकड़ों लोग मौजूद थे। लोगों का कहना था कि नग्न अवस्था में शव का मिलना अपने आप में बड़ा सवाल है।
लक्ष्मीकांत ने उठाए सवाल
कताई मिल में लंगूर मालिक किशनलाल की मौत के मामले में भाजपा के शहर उम्मीदवार डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किशनलाल की मौत में गहरा राज है। इसकी उच्चस्तरीय जांच किसी दूसरे राज्य की संस्था से कराई जाए। पीड़ित परिवार के लोगों ने भी मौत पर सवाल उठाए।
मोहनपुरी स्थित आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में लक्ष्मीकांत ने कहा कि 14 फरवरी को किशनलाल अपने घर से कपड़े लेकर आया था। 15 को उसने अपने पुत्र की कॉल रिसीव नहीं की। 16 को यह फोन एक दरोगा ने उठाया। उसके बेटे को बताया कि किशनलाल का एक्सीडेंट हो गया है और उसे मेडिकल लेकर गए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार झूठ बोला गया। उन्होंने सवाल उठाए कि बकौल पुलिस यदि वह छत पर लंगूर उतारने चढ़ा था तो सीसीटीवी कैमरे में क्यों नहीं देखा गया?
कंट्रोल रूम में तैनात मजिस्ट्रेट ने उस पर नजर क्यों नहीं रखी। यदि ऐसा था तो उसे रोका क्यों नहीं? ऐसे तो कोई भी छत या कहीं ओर से ईवीएम तक पहुंच सकता है? पुलिस की यह कहानी ही गड़बड़ है। जिस स्थान पर उसे छत से गिरा बताया जा रहा है वह गटर से बीस मीटर दूर है और वहां खून का कोई निशान नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह नग्नावस्था में क्यों था? वाजपेयी ने मांग की है कि इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच हो। इस बाबत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सभी प्रत्याशियों को बुलाकर कताई मिल पर उन कक्षों की सील चेक कराई जाए, जिनमें ईवीएम रखी हैं।
50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी
इस मौके पर किशनलाल के पुत्र राकेश और सतीश किशनलाल ने भी पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। वाजपेयी एवं छात्र नेता रवि प्रकाश ने भी कहा चूंकि किशनलाल सरकारी ड्यूटी पर ही था तो उसके परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
पर्यवेक्षक को भी नहीं दी सूचना
लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार शाम चार बजे चुनाव पर्यवेक्षक मदन काला से बात की। इस समय तक भी उन्हें इस घटना की कोई सूचना प्रशासन ने नहीं दी थी। यदि प्रशासन पाकसाफ है तो समय से रिपोर्ट आयोग या पर्यवेक्षक को क्यों नहीं भेजी गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि किशनलाल की एक भी हड्डी नहीं टूटी है। सवाल है कि 35 फीट ऊंची छत से गिरकर क्या ऐसा हो सकता है?
कताई मिल गए प्रत्याशी
विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट से बसपा प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी शुक्रवार को कताई मिल पहुंचे। उन्होंने यहां सुरक्षा व्यवस्था को देखा। सतेंद्र सोलंकी ने भी कहा कि निश्चित रूप से यह रहस्मयी मौत है। मेन रोड पर सीसीटीवी कैमरा लगा है तो फिर क्यों इसकी फुटेज नहीं दिखाई जा रही है, जबकि उससे बचकर तो कोई छत पर जा ही नहीं सकता।
चुनाव आयोग को लिखा पत्र
सतेंद्र सोलंकी के मुताबिक बसपा जिलाध्यक्ष अश्वनी जाटव ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यह स्पष्ट होना ही चाहिए कि यह हादसा है या हत्या? इसे महज हादसा कहना सही नहीं। कहीं ईवीएम से तो छेड़छाड़ नहीं की गई।