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बाजार में धन वर्षा, घर पधारीं लक्ष्मी

Sat, 29 Oct 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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 धनतेरस पर शहर के बाजारों में धन वर्षा हुई। शुक्रवार सुबह 10 से रात 11 बजे तक बाजार गुलजार रहे। सराफा, ऑटोमोबाइल, बर्तन, क्रॉकरी इलेक्ट्रॉनिक्स समेत अन्य सेगमेंट जमकर खरीदारी हुई। मार्केट के जानकारों का अनुमान है कि बाजार में करीब 600 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। इस हिसाब से पिछले साल के मुकाबले इस बार धनतेरस पर 20 फीसदी सेल हुई है।
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बजट ज्वैलरी और सिक्क ों की विशेष मांग
छह माह से मंदी और हड़ताल से जूझ रहे सराफा बाजार में धनतेरस पर जमकर खरीददारी हुई। व्यापारियों के मुताबिक यह साल पिछली धनतेरस से बेहतर रहा। इसमें सिक्के, बर्तन, मूर्तियां और एंटीक्स के अलावा आभूषण भी शामिल हैं। हर आय वर्ग की पहली मांग 5 हजार के अंदर वाली बजट ज्वैलरी, 10 हजार तक के लाइट वेट गहने रहे। इसके अलावा सोने और चांदी के सिक्कों की भी काफी मांग रही। कुछ लोगों ने चांदी के मंदिर, चांदी के दीपक और बर्तन भी लिए। अन्य प्रदेशों के आधुनिक डिजायन के गहने भी डिमांड में रहे।

सातवें वेतनमान का दिखा असर
केंद्रीय कर्मचारियों को मिले सातवें वेतनमान का असर सर्राफा बाजार में साफ नजर आया। इससे सराफा कारोबारियों को अच्छे व्यापार की संजीवनी मिली। लोगों ने जमकर गहने, सिक्के और बर्तन खरीदे।
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बर्तनों की भी हुई खूब खरीददारी
देव धनवंतरि के प्राकट्य दिवस धनतेरस पर बर्तनों की भी खूब खरीदारी हुई। पिछले साल की अपेक्षा इस बार बर्तन बाजार में 20 फीसदी अधिक ग्राहक पहुंचे। इसमें स्टील, पीतल और कांसे के एंटीक आयटम, पूजा के बर्तनों के अलावा क्रॉकरी की भी सेल काफी रही। बेगमपुल स्थित एक बर्तन भंडार के संचालक अंकुर अरोड़ा और गढ़ रोड स्थित बर्तन भंडार के संचालक महेश मित्तल ने बताया कि कारोबार अच्छा रहा। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ज्यादा खरीद हुई।

ऑटोमोबाइल सेक्टर भी झूम उठा
मेरठ। धनतेरस पर इस बार ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे ज्यादा धूमधड़ाका रहा। महीनों पहले बुकिंग कराकर धनतेरस पर लोगों ने गाड़ियों की डिलीवरी ली। शुक्रवार को धनतेरस पर शहर की सड़कों पर करीब 600 चार पहिया और 2500 से ज्यादा दोपहिया वाहन उतरे। पिछले साल की तुलना में इस बार ऑटोमोबाइल बाजार में खासी भीड़ रही। ऐसे में धनतेरस पर तुरंत खरीदने वाले कम और डिलीवरी लेने वालों की संख्या ज्यादा रही। इनमें कुछ ऐसे भी रहे, जो मनमाफिक रंग न मिलने पर डिलीवरी नहीं ले पाए। देर रात तक चार पहिया और दोपहिया वाहनों के शोरूम से डिलीवरी हुई।

600 चार पहिया वाहनों की डिलीवरी
सबसे ज्यादा डिलीवरी मारुति और नेक्सा के शोरूमों से हुई। इनके तमाम मॉडलों की करीब 300 गाड़ियों की डिलीवरी दी गयी। वहीं सौ से ज्यादा ऐसे भी ग्राहक रहे, जो पसंद का कलर न होने से वाहन नहीं ले सके। अन्य चार पहिया वाहनों के शोरूम से भी 60 से ज्यादा गाड़ियों की डिलीवरी दी गई। प्लेटिनम होंडा के जीएम कपिल शर्मा के अनुसार उनके यहां से 15 गाड़ियों, जीएस निशान के जीएम अमित चौधरी के अनुसार उनके यहां से 25 गाड़ियों और अन्य कार के शोरूम से भी 25-30 गाड़ियों की डिलीवरी दी गई।
दो पहिया वाहनों की भी बल्ले-बल्ले
दोपहिया वाहनों में एलीगेंट होंडा के मालिक आशीष चौधरी के अनुसार उनके यहां 550 दोपहिया वाहनों की डिलीवरी दी गई। आरके टीवीस के मालिक सिद्धांत गुप्ता के अनुसार उनके यहां से 300 वाहनों, रिठानी स्थित बुलेट शोरूम न्यू टेक्नो मोटर के मालिक तरुण गुप्ता के अनुसार उनके यहां से 20 बुलेट की डिलीवरी दी गई। इनके अलावा दोपहिया वाहनों के अन्य शोरूमों से करीब 1500 वाहनों की बिक्री हुई।

मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स में भी उछाल
धनतेरस पर मोबाइल फोन, लैपटॉप, साउंड सिस्टम, एलईडी, फ्रीज, माइक्रोवेव, वाशिंग मशीन समेत अन्य आइटम की भी जमकर खरीदारी हुई। इस सेक्टर में भी पिछले वर्ष की तुलना में 20 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया।
कपड़े, फुटवियर और गिफ्ट गैलरी में रही रौनक
धनतेरस पर गारमेंट, फुटवियर के अलावा गिफ्ट आइटम के बाजार में भी लोगों ने खासी दिलचस्पी दिखाई। इन सेक्टरों में भी जमकर खरीदारी हुई। इसके अलावा सजावट के सामान की दुकानों पर भी भीड़ रही।

खरीदे मिट्टी के दीये
चाइनीज आइटमों के बहिष्कार के बीच मिट्टी के दीये और अन्य सामानों की दुकानों पर भीड़ रही। थापर नगर में मिट्टी के दीये खरीदने आईं स्वास्तिक ने बताया कि इस बार 101 दीपक खरीदे हैं। निधि जैन ने बताया कि उन्होंने दीपक के साथ लक्ष्मी और गणेश भी मिट्टी के खरीदे हैं।

पटाखा बाजार में रही भीड़
पटाखा बाजार में धनतेरस पर खासी भीड़ रही। जिमखाना मैदान, दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान और मवाना रोड पर गंगानगर थाने के सामने पटाखों की बड़ी दुकानें सजी हैं। इन पर 40 से 60 फीसदी तक की छूट के साथ पटाखों की बिक्री के बोर्ड लगे नजर आए। इन दुकानों पर आतिशबाजी खरीदने वालों की खासी भीड़ रही। लेकिन, पटाखा बाजार से इस बार चाइनीज पटाखा पूरी तरह गायब नजर आया। पटाखा विक्रेता आमिर ने बताया कि चीन निर्मित पटाखे पर इस बार प्रतिबंध है। लेकिन, देशी पटाखे का मार्केट भी इस बार पहले दिन अच्छा रहा।
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