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भाजपा पर जमकर बरसे आजम खान, मोदी के खिलाफ दिया ये बड़ा बयान

Fri, 10 Feb 2017 04:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं सपा नेता आजम खां ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने रावण वाले बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इतना बिगड़ते क्यों हो। रावण तो बड़ा पंडित और ज्ञानी था। लेकिन उनकी तो डिग्री के बारे में ही जानकारी नहीं है। खुद को फकीर बताते हैं, लेकिन उनके झोले में बड़े-बड़े उद्योगपति हैं। देश की गरीब जनता के पास तन ढकने को कपड़े नहीं हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री ने 18 करोड़ रुपये के कपड़े पहन लिए। सिवालखास विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद के समर्थन में आयोजित जनसभा में उन्होंने यह बातें कहीं।
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आजम खां ने कहा कि आजादी दिलाने वाले बापू की हत्या करने वालों की विचारधारा से देश को बचाना होगा। विजय माल्या हिंदुस्तान का अरबों रुपया लेकर भाग गया और केंद्र सरकार देखती रह गई। पीएम ने नोटबंदी लागू कर दी और सस्ती लोकप्रियता के लिए अपनी बूढ़ी मां को लाइन में लगा दिया। मेरे सामने भूखा मरने की नौबत आती, तो भी मैं अपनी मां को लाइन में नहीं लगाता।

आजम ने बीजेपी सांसद साक्षी महाराज पर कहा कि वह कोर्ट से जमानत लेकर बाहर हैं। उन पर गंभीर आरोप लगे हैं। लेकिन वह संसद में बैठकर देश का कानून बना रहे हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि अपने मजहब को मानो, लेकिन हिंदुत्व को भी जरूर मानो। मैं कहता हूं कि पहले हिंदुस्तानी बनो। समाज को तोड़ने का काम मत करो। आजम खां ने कहा कि गुलाम मोहम्मद को जिताकर भेजो, हम लखनऊ में इन्हें ऊंचा दर्जा देंगे। अपने 35 मिनट के भाषण में आजम ने एक बार भी बसपा सुप्रीमो मायावती का नाम तक नहीं लिया। इससे पूर्व जनसभा को गुलाम मौहम्मद, जिला पंचायत सदस्य शफीक अहमद, अनिल गुप्ता, दिनेश उपाध्याय, अनवार कुरैशी, शारिक, तस्सवर अली, अमीर सिद्दीकी आदि ने संबोधित किया।
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मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र किया
आजम खां ने मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए कहा कि क्यों कमजोरों और बेगुनाहों को मार दिया गया। क्यों बेगुनाहों के घर जला दिए गए, इसका जवाब देना होगा। पीएम ने चुनाव से पहले वादा किया था कि 15-15 लाख देंगे, दो करोड़ युवाओं को हर साल नौकरी देंगे। लेकिन वे झूठ बोलते हैं। वे केवल एक मजहब की बात करके देश को तोड़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसे लोग देश को नामंजूर हैं।
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