आवास विकास की आरक्षित भूमि पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर कब्जा करने के आरोपी बाबूलाल गुप्ता पर शिकंजा कसता जा रहा है। आवास विकास परिषद ने बाबूलाल के सेंट्रल मार्केट स्थित गुप्ता कांप्लेक्स को ध्वस्त करने का नोटिस चस्पा कर दिया।
परिषद द्वारा पूर्व में छह मकानों पर सीलिंग के नोटिस जारी हो चुके हैं। जबकि आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार के निर्देशों पर बाबूलाल, उसकी पत्नी दीपा गुप्ता सहित पांच लोगों पर नौचंदी थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस मामले में बाबूलाल को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे मिला हुआ है। बुधवार को उस समय हलचल मच गई, जब आवास विकास अधिकारियों ने सेंट्रल मार्केट स्थित भूखंड संख्या 13/18 पर खड़े गुप्ता कांप्लेक्स पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया।
यह भूखंड बाबूलाल गुप्ता की पत्नी दीपा गुप्ता के नाम है। कांप्लेक्स में 30 दुकानें हैं जबकि ऊपरी मंजिल पर ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स भी संचालित है। ऐसे में कांप्लेक्स के व्यापारियों में नोटिस के बाद असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। परिषद के अधिकारियों के अनुसार पांच सौ वर्ग मीटर पर बने कांप्लेक्स में मानचित्रों के विपरीत निर्माण कराया गया। नियमानुसार व्यावसायिक भूखंडों पर 40 प्रतिशत कवरिंग की जाती है। जबकि बाबूलाल गुप्ता ने सौ प्रतिशत कवरिंग की हुई है। जिसमें पार्किंग की जगह तक नहीं छोड़ी गई। अधिशासी अभियंता दीप कुमार गुप्ता ने बताया कि बाबूलाल गुप्ता को तय समय में अपना पक्ष रखने का समय भी दिया गया। लेकिन पक्ष न रखने पर विभागीय कार्रवाई करते हुए कांप्लेक्स को गिरा दिया जाएगा।
आज दोपहर तक बाजार बंद
अभी सेंट्रल मार्केट पर हाईकोर्ट के आदेशानुसार ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है। वहीं, परिषद द्वारा गुप्ता कांप्लेक्स पर ध्वस्तीकरण का नोटिस लगने के बाद व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को आधा दिन बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है। सभी व्यापारी शास्त्रीनगर सेक्टर-9 स्थित आवास विकास कार्यालय का घेराव करेंगे। सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष किशोर वाधवा और विनोद अरोड़ा ने बताया कि मार्केट के व्यापारियाें के सामने परेशानी आएगी तो व्यापार संघ उसका पुरजोर विरोध करेगा।