इत्तहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद तौकीर रजा खान ने आरोप लगाया है कि कैबिनेट मंत्री आजम खां और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिमों के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
रविवार शाम देवबंद से लौटते वक्त मदरसा जामिया हापुड़ रोड पर प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के नाम पर सियासत में कद्दावर समझे जाने वाले नेताओं के कारण ही मुस्लिम बिखर रहे हैं। इसका जिम्मेदार भी उन्होंने आजम और ओवैसी को ठहराया।
बकौल तौकीर रजा, इन दोनों नेताओं के वक्तव्य देश में नफरत पैदा करने वाले हैं। देखा जाए तो सियासी एतबार से आजम और ओवैसी मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इन्हीं की वजह से फिरकापरस्त ताकतों को मजबूती और आपसी नफरत को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने आह्वान किया कि मुसलमान इनके बहकावे में न आएं और संगठित होकर अपना अधिकार हासिल करें। आगामी विधानसभा चुनाव के संबंध में उन्होंने कहा कि उनकी कई शीर्ष स्तर के नेताओं से बात
हुई है। यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में भी बिहार की तर्ज पर फिरकापरस्त और मौकापरस्तों को मात देने के लिये महागठबंधन बनने जा रहा है। प्रदेश की जनता मौजूदा सियासी दलों से आजिज आ गई है। इसे देखते हुए जनता बदलाव चाहती है और बिहार जैसा महागठबंधन इसके लिये कारगर साबित होगा।
आतंकवाद के नाम पर हो रहा जुल्म
तौकीर रजा ने आतंकवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। आरोप लगाया कि आतंकवाद के नाम पर मुसलमान नौजवानों के साथ जुल्म ज्यादती हो रही है। उन्होंने देवबंद के शाकिर अंसारी को निर्दोष बताते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने दावा किया कि मैंने रविवार को शाकिर के परिजनों से मिलकर इस संबंध में जानकारी ली। शाकिर के माता-पिता की हालत को उन्होंने गंभीर बताया।
आरएसएस पर निशाना साधा
आतंकी साजिश के लिये तौकीर रजा ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी साजिश को समझना बहुत मुश्किल है। अब मुसलमानों को आपस में लड़ाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने देश के आतंकवाद को गैर मुल्की बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ देश की जनता को एकजुट हो जाना चाहिए। उन्होंने उन वेबसाइट पर भी सरकार द्वारा अंकुश लगाने पर जोर दिया, जिनकी वजह से आतंकवाद के नाम पर भ्रम पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
तौकीर रजा ने कहा कि इस्लाम में आतंकवाद के लिये कोई जगह नहीं है। इस्लाम सदैव जुल्म ज्यादती के खिलाफ रहा है। आतंकवाद के खिलाफ उनकी मुहिम जारी रहेगी और देश की एकता और अखंडता के लिये सब को मिलकर प्रयास करने चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान मदरसे के कारी शफीक और कारी अफ्फान आदि मौजूद रहे।