योजना के तहत लाभार्थी परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा मिलती है। सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि आयुष्मान योजना के कार्ड 2011 की जनगणना के अनुसार पात्र लाभार्थियों के ही बनाए जा रहे हैं।
इसके परिवार जिनके राशन कार्ड में छह या छह से ज्यादा लोग हैं, उन्हें इसमें शामिल किया जा रहा है। अगर कोई दूसरे माध्यम से योजना के कार्ड बनाने का प्रभोलन देता है, तो उसके झांसे में न आएं। अगर कोई ऐसा झांसा देता है तो तत्काल विभाग को सूचित करें। आयुष्मान कार्ड होने पर ही योजना के तहत उपचार की सुविधा मिलती है, इसलिए विभाग लगातार लाभार्थियों से अपील करता है कि सभी आयुष्मान कार्ड जरूर बनवा लें।
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डा. आर के सिरोहा ने बताया कि योजना का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सके इसके लिए बाकायदा विभाग की ओर से निगरानी की जाती है। सभी सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश हैं कि अस्पताल में आने वाले लाभार्थियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराएं। कार्ड बनाए जाने की रफ्तार में लगातार इजाफा हो रहा है।
आयुष्मान कार्ड बनाने की स्थिति
योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 68,680 आयुष्मान कार्ड,
वर्ष 2021-22 में 44,678,
वर्ष 2022-23 में 149706 कार्ड बनाए गए।
वर्ष 2023-24 में 4,02,732 कार्ड बने हैं।