पूर्व राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने कहा कि अयोध्या प्रकरण में राजीव गांधी ने कोर्ट के फैसले के एक घंटे के भीतर ताला खुलवा दिया था, लेकिन कभी राजनीति नहीं की। सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के बाद भाजपा इसका श्रेय लेने में जुट गई है। हालांकि उन्होंने फैसला आने के बाद देश व उप्र में शांति कायम रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद भी किया। पूर्व राज्यपाल शुक्रवार को मेरठ में थे।
नौचंदी क्षेत्र के रामबाग कॉलोनी स्थित मो. बाकर जैदी के आवास पर डॉ. अजीज कुरैशी मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए सुप्रीमकोर्ट के फैसलों में दखल देने का आरोप लगाया। कहा कि आज देश की सर्वोच्च अदालत पर लोग सवाल उठाने लगे हैं, जो वर्तमान सरकार के लिये शर्मनाक बात है। देश में तानाशाही चल रही है।
अयोध्या प्रकरण में सुप्रीमकोर्ट ने जो फैसला दिया वो तथ्यों के आधार पर नहीं, बल्कि आस्था के आधार पर दिया। मुस्लिमों का अगर कोई हक वहां नहीं है तो 5 एकड़ भूमि मस्जिद को क्यों देने की घोषणा की गई? मुस्लिम पक्षकारों को जमीन मंदिर के लिए दान कर देनी चाहिये।
उन्होंने कश्मीर में धारा 370 हटने का समर्थन किया। बीएचयू में मुस्लिम प्रोफेसर के संस्कृत पढ़ाने को लेकर उपजे विवाद का डा. कुरैशी ने विरोध किया। भाजपा को उप्र में हराने के लिए 2022 विधानसभा चुनाव में सभी विरोधी पार्टियों को साथ लड़ना होगा।
भगवान को भी आना पड़ेगा
डॉ. कुरैशी ने कहा कि देश में जिस तरह सरकारी संस्थानों का निजीकरण हो रहा है, आर्थिक संकट आना लाजिमी है। कई सरकारी और गैर सरकारी कंपनियों पर ताला लटक गया है। जबकि पूंजीपतियों को सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसमें राफेल भी शामिल है।
कहा कि भाजपा सरकार रही तो देश ऐसी स्थिति में पहुंचने वाला है, जहां भगवान को भी रोटी के रूप में आना होगा। तभी जनता स्वीकार करेगी। इस दौरान मौ. बाकर जैदी, एडवोकेट अनवार हुसैन, शब्बीर हुुसैन, एडवोकेट फजल हसनैन जैदी, सगीर जैदी, डा. रिहान रहे।