अयोध्या प्रकरण में फैसला आने से पहले मेरठ के शहर और देहात क्षेत्र में नौ स्थानों पर बैठक हुई। पुलिस ने मुस्लिम धर्मगुरुओं के अलावा भाजपा नेता, शिव सेना, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के साथ सरधना, लिसाड़ीगेट, कोतवाली और नौचंदी थाने में बैठक की।
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि पूरे जिले में सुरक्षा प्लान तैयार कर लिया गया है। शहर में सभी संवेदनशील स्थान, मिश्रित आबादी वाले स्थान और गांव चिह्नित कर लिए हैं। पूरे जिले में 106 स्थान चिह्नित किए गए हैं। फैसले को दृष्टिगत रखते हुए सभी प्रकार के जुलूस और आतिशबाजी पर रोक रहेगी। कहीं पर भी धरना प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा।
सार्वजनिक स्थल, मुख्य मार्ग और चिह्नित स्थानों पर भीड़ एकत्र नहीं होने दी जाएगी। किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने का मौका नहीं दिया जाएगा। सोशल मीडिया के जरिये यदि माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया तो ऐसे लोगों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दो व्हाट्एसप ग्रुप में दोनों समुदायों के धर्मगुरुओं और गण्यमान्य लोगों के अलावा एडिशनल एसपी, सीओ शामिल किए गए हैं।
मस्जिदों से शांति की अपील
एसएसपी ने कहा कि शहर काजी, नायब शहर काजी, कारी और अन्य मौलानाओं ने मस्जिदों से भी शांति की अपील करनी शुरू कर दी हैं। शहर की इमलियान, जामा मस्जिद, जैनुएल फिरदौस मस्जिद, टौल वाली मस्जिद, गोला कुआं और मदीना मस्जिद से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय होगा सर्वमान्य
अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी आए, हम शहर का माहौल नहीं बिगड़ने देंगे। यह निर्णय रविवार को नेशनल मायनॉरिटी फ्रंट की बैठक मेें लिया गया। पूर्व मंत्री डॉ. मैराजुद्दीन अहमद के बनी सराय स्थित आवास पर हुई फ्रंट की बैठक में अध्यक्ष हाजी एम मुस्तफा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा।
इसी संबंध में जिला प्रशासन और उलेमाओं के साथ बैठक चल रही है। पूर्व मंत्री डॉ. मैराजुद्दीन अहमद ने कहा कि अयोध्या मसले पर कोर्ट के निर्णय का सम्मान किया जाएगा। ये देश सबका है और जिम्मेदार शहरी होने के नाते हम लोग आपसी मोहब्बत और भाईचारे को कायम रखेंगे।