वाणिज्य कर विभाग ने बीते दो दिन के दौरान शहर के अंदर करीब 68 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले पकड़े हैं, जिसमें से 60 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी अकेले द्वारिका धाम कंस्ट्रक्शन से पकड़ा गया है। सेल्स टैक्स विभाग की तरफ से स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) की तरफ से की गई छानबीन कंस्ट्रक्शन के पीछे का काला चिट्टा निकल कर सामने आया है। इसके अलावा बालाजी एग्रो फूड्स लिमिटेड के यहां पर भी करी दो करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। उधर, सेल्स टैक्स विभाग की तरफ से विनोद कुमार एडिशनल कमिश्नर विनोद कुमार सिंह ने सारे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट कमिश्नर वाणिज्य कर को भी भेजी है।
सेल्स टैक्स विभाग को जानकारी मिली थी कि शहर में कुछ बिल्डर व्यापक पैमाने पर अवैध निर्माण कर रही है। इसी शक की गुंजाइश में एसआईबी की तरफ से द्वारिकाधाम निकट टोल प्लाजा नेशनल हाईवे नंबर 58 की फाइलों को खंगाला गया। छानबीन की गई तो पता चला कि मेरठ विकास प्राधिकरण से द्वारिका धाम नाम से 24 फ्लैट बनाने की परमिशन ली गई है लेकिन मौके पर भौगोलिक सत्यापन किया गया तो टीम ने पाया कि 266 फ्लैट खड़े कर दिये गए हैं। बिल्डर ने सेल्स टैक्स विभाग में भी कोई पंजीकरण नहीं कराया है, ऐसे में सारा निर्माण बिना सेल्स चुकाये ही कर दिया गया है। विनोद कुमार सिंह का कहना है कि फ्लैट निर्माण में करीब 60 रुपये का कंस्ट्रक्शन हुआ है जिस पर कोई टैक्स विभाग को नहीं मिला है।
फर्जी फर्म का खेल
विभाग ने मैसर्स एसकेजी कंस्ट्रक्शन नाम से चलाई जा रही फर्जी फर्म भी पकड़ी है, जो एक कमरे के मकान में चल रही है। उसने फर्जी तरीके से बिना कोई टैक्स जमा सेनेटरी गुड्स, इलेक्ट्रिकल गुड्स, आयरन स्टील से लेकर अन्य सामान के टैक्स इनवायस काटे लेकिन सेल्स टैक्स को एक पैसा टैक्स के तौर पर नहीं दिया। सचल दल की रिपोर्ट के आधार पर फर्म की जांच कराई तो पता चला कि सारा काम एक किराये के कमरे से चल रहा है, जिस जगह के नाम पर सचिन गुप्ता नाम के व्यक्ति ने एसकेजी फार्म को पंजीकरण कराया था वो जागृति विहार में 116/3 के पते पर चले रही है। मकान मालिक ने बताया कि उन्हें यहां पर कोई फर्म नहीं चल रही है। बस एक व्यक्ति ने उनके मकान में कमरा कराये पर लिया है जो दो - तीन महीने में एक बार आता है। विनोद कुमार सिंह का कहना है कि मोटा अनुमान है कि फर्जी फर्म के नाम पर करीब 5 करोड़ की टैक्स चोरी हुई है। इसलिए संबंधित फर्म का टिन नंबर रद्द कर दिया है।
बिना फैक्ट्री के बना दिया बेसन
अजराड़ा (किठौर) में बालाजी एग्रो फूड्स लिमिटेड ने साल 2015 में बेसन बनाने की फैक्ट्री चलाने के लिए सेल्स टैक्स विभाग से पंजीकरण लिया। विभाग ने भौतिक सत्यापन कराया तो पता चलता कि अभी तक फैक्ट्री चल नहीं है। जबकि उसने दूसरे राज्यों से करीब दो करोड़ रुपये की दाल खरीद है जो भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में नहीं मिली है। इसका मतलब दाल खरीद कर व्यापारियों को भेजी गई है जिसका कोई टैक्स विभाग को नहीं दिया गया।
सचल दलन भी सक्रिय
फर्जी बिलों के आधार पर हो रही टैक्स चोरी को रोकने के लिए सेल्स टैक्स विभाग का सचल दल सक्रिय हो गया है। उसने बीते दो दिनों के अंदर 20 लाख रुपये की टैक्स चोरी के मामले पकड़े हैं। इस दौरान टीम ने फर्नीचर डिफेक्टिव फार्म द्वारा 8.60 लाख रुपया का सामान बिना बिल के भेजा जा रहा था। वहीं 7.01 लाख रुपये का परचून व 4.50 लाख रुपये का बैट्री पकड़ी गई है। वाहन की जांच के दौरान बैट्री से जुड़ी कोई बिल नहीं दिखाया गया।