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ऑटो सेक्टर में लंबी दौड़ में आएगा सुधार, कुछ शोरूम खुले लेकिन नहीं पहुंचे ग्राहक

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ऑटो सेक्टर में लंबी दौड़ में आएगा सुधार, कुछ शोरूम खुले लेकिन नहीं पहुंचे ग्राहक
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मेरठ। लॉक डाउन के चलते ऑटो सेक्टर को जीरो सेल्स का सामना करना पड़ा है। शनिवार को कुछ शोरूम खुले। लेकिन ग्राहक नहीं पहुंचे। अब 9 जून से बाजार सुधरने की उम्मीद है जिसके लिए डीलर्स ने कंपनियों और सरकारी मानक के आधार पर तैैयारी पूरी कर ली है।
ऑटो सेक्टर के लिए आगामी छह माह चुनौती भरे हैं। वित्त वर्ष 2021 की पहली छमाही से ऑटो इंडस्ट्री में थोड़ी तेजी दिखेगी। लो बेस का ऑटोमोबाइल सेक्टर को फायदा मिलेगा। ऐसे में शेयर मार्केट में भी तेजी आने की संभावना है। दरअसल कोरोना के चलते लोगों की खरीद क्षमता कम हो गई है। टू व्हीलर के साथ कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री पूरी तरह बंद हो गई है।
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तेजी आएगी लेकिन टिकेगी नहीं
गढ़ रोड स्थित समुद्र हुंडई के डायरेक्टर शलभर गुप्ता का कहना है कि लॉक डाउन खुलने के बाद छोटी अवधि के लिए तेजी होगी। नवरात्र से पहले बाजार बंद हो गया था। ऐसे में जिनकी गाड़ियों की बुकिंग हैं वह तो सप्लाई होगी। मार्केट घटकर मात्र 30 प्रतिशत रह गया है। 35 प्रतिशत गाड़ियों की बुकिंग भी कैंसल हो गई हैं। शादी सीजन भी साल के अंत में शुरू होगा। अब जीरो से मार्केट को शुरू करना होगा।
नया स्वरूप आएगा सामने
जय कुमार अरुण कुमार प्राइवेट लिमिटेड, किया, हीरो एवं महिंद्रा के निदेशक प्रवीन जैन का कहना है कि लॉकडाउन खुलने के बाद मार्केट का नया स्वरूप सामनेआएगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर को बहुत ही प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा। मांग बहुत कम होगी। मार्केट में खुद को स्थापित करने के लिए जीरो से प्रयास करना होगा। शोरूम में सभी सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। सैनिटाइजेशन होगा। मास्क पहनकर कर्मचारी काम करेंगे। सोशल डिस्टेंस का पालन कराया जाएगा।
मेरठ को अन्य प्रदेशों, शहरों से किया अलग
बाईपास रोड स्थित ग्रेंड टोयटा के निदेशक एवं ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक गर्ग का कहना है कि शहर में 50 व्यापारी ऑटोमोबाइल सेगमेंट से जुड़े हैं। मार्केट बंद होने के कारण एक व्यापारी का 1 करोड़ तक का नुकसान हुआ है। एक हजार कार और 3 हजार टू व्हीलर्स की सेल प्रभावित हुई। केंद्र व प्रदेश सरकार से अलग जिला प्रशासन से कदम उठाए हैं। शहर और कैंट के सभी वार्डों को कंटेनमेंट जोन में शामिल कर दिया गया है। व्यापार तो मई माह में ही खोल दिया जाना चाहिए था। मेरठ से मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, कोटद्वार, बरेली, बागपत क्षेत्र के व्यापारी कार खरीदते हैं। अब मार्केट में काम करने के लिए कंपनियों और सरकार की तरफ से दी गई गाइडलाइन के अनुसार कार्य किया जाएगा।
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33 प्रतिशत स्टाफ के साथ कार्य करेंगे
बेगमपुल स्थित तान्या ऑटोमोबाइल्स के डायरेक्टर हर्ष कुमार का कहना है कि शोरूम में आने वाले ग्राहकों और कर्मचारियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद शोरूम में आने की अनुमति दी जाएगी। सैनिटाइजेशन के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। शुरुआत में 33 प्रतिशत स्टाफ के साथ कार्य होगा। मारुति की तरफ से भी गाइडलाइन दी गई हैं। चार वर्कशॉप और दो शोरूम में इसी तरह से व्यवस्था बनाई जाएगी। हालांकि शुरुआत में व्यवस्था बनाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शोरूम खुलते ही 150 के आसपास गाड़ियों की निश्चित रुप से सेल होगी। इसके बाद मार्केट को पुन: स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
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