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पेचीदगियां हजार...पर सैकड़ों को मिला उपचार

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Medical doctor with stethoscope on white background. Vector illustration
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मेरठ।
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आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में एक साल बाद भी तमाम तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। लापरवाह स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें दूर भी नहीं किया है। इससे इतर एक पहलू यह भी है कि अभी तक 6183 मरीजों को योजना के तहत इलाज मिला है। इनमें 433 का इलाज निजी और सरकारी अस्पतालों में चल रहा है। बाकी इलाज कराकर घर जा चुके हैं। वहीं छह करोड़ रुपये से ज्यादा क्लेम भी मिल चुका है।
एंजियोप्लास्टी में दो स्टेंट डाले
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत नईमा (57) को इलाज मिला है। उनका व्यवसाय मजदूरी है। वह हृदयरोग से पीड़ित होने के कारण अपना उपचार कराने में असमर्थ थी। योजना के तहत नईमा की निजी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी हुई, दो स्टेंट डाले गए। आयुष्मान लाभार्थी होने के कारण उसे एक भी रुपया नहीं देना पड़ा।
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बड़ी आंत से बनाई खाने की नली
आयुष्मान के तहत मेडिकल कॉलेज में मुस्तरत जहां (28) का सफल ऑपरेशन किया गया। इस साल मार्च में उन्हें खाने की नली में इसोफेजियल स्ट्रिक्चर की परेशानी हुई थी। मरीज का ऑपरेशन रिटरोस्टरनल कोलोनिक ट्रांसपोजिशन विधि द्वारा किया गया है। इसमें बड़ी आंत को गले में ऊपरी खाने की नली और नीचे आमाशय से जोड़ा गया।
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हृदय रोगी का हुआ ऑपरेशन
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आनंद अस्पताल में हकीमुद्दीन (40) को उपचार मिला। इनके दो स्टंट डाले गए। इनका परिवार जाकिर कॉलोनी में रहता है।
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कार्ड नहीं है तो भी मिलेगा इलाज
आयुष्मान के लाभार्थी को इलाज के लिए किसी कार्ड की जरूरत नहीं है। लाभार्थी के बीमार होने पर वह संबंधित विशेषज्ञ को दिखाए। विशेषज्ञ द्वारा भर्ती होने की सलाह देने पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य केंद्र पर संपर्क कर इलाज करा सकता है। एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा का कहना है कि आयुष्मान के मरीजों को यह सुविधा है। अगर वह गोल्डन कार्ड बनवाना चाहते हैं तो वह जन सुविधा केंद्र में जाकर बनवा सकते हैं। दो अक्तूबर शहर में कैंप लगाए जा रहे हैं।
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सीएमओ कार्यालय में की गईं 108 शिकायतें
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना केतहत इलाज में लापरवाही या फिर योजना के लाभार्थी होने के बावजूद नाम शामिल न होने की शिकायतें सीएमओ कार्यालय में की जा रही हैं। अब तक 108 शिकायतें सीएमओ कार्यालय में प्राप्त हुई हैं। हालांकि आयुष्मान भारत की मेरठ की नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा का कहना है कि इन शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है।
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