मेरठ में समाजवादी पार्टी में जिलाध्यक्ष को लेकर चल रहे दंगल में बाजी राजपाल सिंह के नाम रही। उन्हें मंगलवार को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया गया। समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष रहे और सरधना से चुनाव लड़े अतुल प्रधान की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही थी। इसके बाद राजपाल सिंह और ओमपाल गुर्जर के नाम थे। यह भी कयास लगाए जा रहे थे कि खींचतान खत्म करने के लिए फिर से जयवीर सिंह को भी कमान सौंपी जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
रजपुरा गांव के निवासी राजपाल सिंह वर्ष 1974 से समाजवादी विचारधारा से जुड़े हुए हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे हैं, तो अब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भी करीबी माने जाते हैं। पुराने समाजवादी होने का उन्हें इनाम मिला है। 1989 में उन्होंने जनता दल से कैंट विधानसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि वे हार गए थे। जिलाध्यक्ष बनने से जहां राजपाल सिंह खेमे में खुशी की लहर है, वहीं विरोधी गुटों ने चुप्पी साध ली है।