लिसाड़ी गेट के श्यामनगर में मंगलवार दिनदहाड़े पूर्व पार्षद हाजी फाको उर्फ तासी (किन्नर) पर घर में घुसकर बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। फाको को पांच गोलियां लगीं। पुलिस इस हमले को गैंगवार से जोड़कर चल रही है।
पुलिस के अनुसार फाको श्यामनगर स्थित डीके फैक्ट्री कॉलोनी में अपने घर पर दोपहर करीब 12 बजे यामीन, रेशमा उर्फ छोटी और ताहिर से बात कर रहा था। इसी दौरान कपड़े खरीदने की बात कहकर दो बदमाश घर में घुस आए और फाको को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। जिसमें फाको को दो गोलियां पेट में, दो गोली पैर में और एक गोली हाथ में लगी।
स्कूटी छोड़कर पैदल भागे
वारदात के बाद बदमाश भागने लगे तो यामीन और ताहिर ने शोर मचाकर उनका पीछा करने का प्रयास किया। दोनों बदमाश अपनी स्कूटी छोड़कर पीछा करते लोगों पर गोलियां चलाते पैदल ही फरार हो गए। लोगों ने फाको को आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
तीसरी बार हमला
पुलिस के मुताबिक फाको को पांच साल पहले भी गोली मारी गई थी। जबकि चर्चा है कि 15 साल पहले उसके घर को बम से उड़ाने की कोशिश की गई थी। फाको पर हमले के पीछे किन्नरों का एक गुट बताया गया, जो एक अपराधी से मिला हुआ है। फाको के पार्षद बनने पर किन्नरों में गुटबाजी शुरू हुई थी। कई बार एक-दूसरे की जान तक लेने का प्रयास भी हुआ
सलमान-शारिक में गैंगवार
पुलिस के मुताबिक कोतवाली निवासी जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर सलमान और सारिक में गैंगवार चल रही है। गैंगवार में एक साल पहले लिसाड़ीगेट चौपले पर और फिर 27 दिसंबर को साकेत में दो किन्नरों की हत्या हो चुकी है। इसके पीछे किन्नरों में इलाके से बधाई वसूलने को लेकर विवाद बताया गया। इलाके के बंटवारे में किन्नर अपराधियों से जुड़ गए, जिसके चलते किन्नरों पर हमलों का सिलसिला चल रहा है।
सारिक के सरेंडर के बाद हमला
किन्नर फाको के पास शास्त्रीनगर का इलाका है। वह किन्नरों का गुरु बताया जाता है। किन्नर शमशाद की साकेत में हत्या के मामले में नामजद सारिक ने सोमवार को ही कोर्ट में सरेंडर किया था। जिसके अगले दिन ही फाको पर जानलेवा हमला हो गया। पुलिस इसके पीछे सलमान और सारिक के बीच गैंगवार कारण मान रही है।
एक बदमाश पहचाना
चश्मदीद रेश्मा उर्फ छोटी ने एक बदमाश को पहचानने का दावा करते हुए कहा कि वह घंटाघर निवासी है। दूसरे चश्मदीद यासीन और ताहिर ने उसे नहीं पहचाना।
पोते ने बताया था प्लान
पुलिस के मुताबिक फाको के भाई का पोता सालिन दो दिन पहले टेंपो से स्कूल जा रहा था। उस टेंपो में कुछ युवक पहले से बैठे थे। जोकि फाको को रास्ते से हटाने की बात कर रहे थे। बच्चे ने यह बात अपने परिजनों से बताई थी। जिसके बाद फाको चौकस भी था। फाको दरवाजा अंदर से बंद रखता था। ताहिर ने कपड़े बेचने की बात कहकर दरवाजा खोला था। पुलिस इसकी जांच कर रही है।