मेरठ। नगर निगम स्थित जन्म-मृत्यु प्रमाण कार्यालय मंगलवार को अखाड़ा बन गया। तीन दिन की छुट्टी लेकर जन्म प्रमाण पत्र में बेटे का नाम संशोधन कराने आए सेना के जवान पर निगम के तीन कर्मचारियों ने हमला कर दिया। जवान का कसूर था कि काम न होने पर वह नगर स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत करने जा रहे थे। अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार व प्रमोद कुमार ने कमेटी गठित कर तीनोंं कर्मचारियों के पटल परिवर्तन के निर्देश दिए हैं।
मोदीनगर निवासी रामवीर सिंह सेना में जवान हैं और असम में उनकी पोस्टिंग है। रामवीर का दो माह का बेटा है और उनका जन्म प्रमाण निगम से बना है। नाम में संशोधन कराने के लिए रामवीर तीन दिन की छुट्टी लेकर आए थे। मंगलवार सुबह वह नगर निगम स्थित जन्म प्रमाण-पत्र कार्यालय में पहुंचे। सेना के जवान को दो घंटे तक कर्मचारी इधर-उधर घुमाते रहे। जिस पर रामवीर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह से शिकायत करने की बात कही। यह सुनकर कर्मचारियों ने आपा खो दिया और रामवीर को पीटना शुरू कर दिया। रामवीर आरोपियों से किसी तरह बचकर नीचे आ गए।
कमेटी बनाकर मारपीट करने वाले तीनों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। दोनों अपर नगर आयुक्त ने कर्मचारियों के बयान लिए और उनके खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही। रामवीर का कहना है कि सिफारिश या पैसा लेकर जन्म प्रमाण पत्र बना रहे हैं, लेकिन आम जनता की सुनने वाला वहां कोई नहीं है। अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने बताया कि सेना के जवान से अभद्रता करने वाले तीन कर्मचारी चिह्नित कर लिए हैं। इनमें दो कर्मचारी सलीम और राहुल स्थायी हैं। कर्मचारी हरीश कुमार अस्थायी है। तीनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जोनल व्यवस्था पर उठे सवाल
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए नगर निगम ने जोनल व्यवस्था बनाई हुई है। शास्त्रीनगर, कंकरखेड़ा और मुख्य कार्यालय में जन्म-मृत्यु प्रमाण जारी कराने के लिए रजिस्ट्रार की नियुक्ति की गई। एक सप्ताह से ज्यादा बीत गया, बावजूद व्यवस्था नहीं बन पा रही है। शास्त्रीनगर और कंकरखेड़ा जोन के लोगों को भी नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने आना पड़ रहा है। आरोप है कि निगम परिसर दलालों का अड्डा है, जोकि पैसे लेकर प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं।