फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Athletics Day: फटे गद्दों पर एशियन खेलों की तैयारी, कीलों वाले बोर्ड से जंप, करोड़ों का ट्रैक पड़ा बंद

Thu, 07 May 2026 05:04 PM IST
Dimple Sirohi ऋषिपाल सिंह,संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

World Athletics Day: वर्ल्ड एथलेटिक्स डे पर मेरठ के कैलाश प्रकाश खेल स्टेडियम की बदहाल स्थिति सामने आई है। करोड़ों रुपये से बना ट्रैक अब तक अभ्यास के लिए उपलब्ध नहीं है और खिलाड़ी फटे गद्दों व कील निकले बोर्ड पर अभ्यास करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
एथलीटों के लिए नहीं सुविधाएं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कड़ी मेहन और लगन से जिस कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभ्यास करके अंतरराष्ट्रीय एथलीट पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, अन्नू रानी, सीमा, किरण बालियान ने दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया, वहां का हाल बेहद चिंताजनक है। यहां करोड़ों रुपये की लागत से सिंथेटिक ट्रैक तैयार होने के बाद भी एथलीट फटे गद्दे और नट बोल्ट निकले हुए बोर्ड से जंप लगाने के लिए मजबूर हैं। ऐसा तब है जब कई एथलीट सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स की तैयारी के लिए यहां पसीना बहा रहे हैं।

विज्ञापन


कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में पिछले कुछ वर्षों में सर्वाधिक एथलीटों के अभ्यास करने का रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2025-26 के सत्र में भी यहां एथलेटिक्स में 500 से अधिक खिलाड़ी रहे। मौजूदा सत्र 2026-27 में अबतक 300 से अधिक एथलीट पंजीकरण करा चुके हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं न मिल पाना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें: UP: देवबंद में मंच से गरजे सीएम योगी, कहा-'बंगाल की जीत ने दिखाया आईना', फतवों पर ली चुटकी

विज्ञापन

एथलीटों के लिए नहीं सुविधाएं - फोटो : अमर उजाला
नए गद्दे होने के बावजूद फटे गद्दे पर अभ्यास
इस स्टेडियम में पिछले वर्ष ही ऊंची कूद के अभ्यास के लिए नए गद्दे आ गए थे। यह गद्दे अभी तक स्टोर रूम में रखे हैं। खिलाड़ी इन पर अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। स्पोर्ट्स स्टेडियम के खेल मैदान में सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद अभी तक अभ्यास के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है।

तर्क दिया जा रहा है कि गद्दों को बार-बार उठाकर ले जाए जाने से वह फिर से फट सकते हैं। सिंथेटिक ट्रैक की रिपोर्ट आ जाए तो गद्दों को मैदान में उठवाकर रखा जाए। फिलहाल नए गद्दे गोदाम में रखे हैं और पुराने फटे हुए गद्दों पर खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं।
विज्ञापन

एथलीटों के लिए नहीं सुविधाएं - फोटो : अमर उजाला
खिलाड़ियों को है चोट लगने का डर
स्टेडियम की एथलीट ख्याति माथुर ऊंची कूद की शानदार एथलीट हैं और वह एशियन गेम्स के क्वालिफाइंग राउंड में एक राउंड क्वालीफाई भी कर चुकी हैं। वह भी फटे हुए गद्दों और कील निकली हुई बोर्ड से जंप लगा रही हैं। अगर खिलाड़ी को चोट लग गई तो उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में खेल प्रशासन को बच्चों के लिए ठीक व्यवस्था करनी चाहिए।

नए गद्दे रखने को नहीं जगह
एथलेटिक कोच गौरव त्यागी बताते हैं कि गद्दे नए भी हैं, लेकिन अभी उन्हें रखने की जगह नहीं मिल पा रही है। ट्रैक उपलब्ध होते ही नए गद्दों पर खिलाड़ियों को अभ्यास कराया जाएगा।

गौरव त्यागी, एथलेटिक्स कोच, कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें