भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा शनिवार को मेरठ से गुजरी। करीब 55 स्थानों पर कलश यात्रा पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी गई। भाजपा कार्यकर्ताओं और समाजसेवी संगठनों से जुड़े लोगों ने अस्थि कलश को नमन किया। इस दौरान अटल बिहारी अमर रहे के नारों से क्रांतिधरा गूंज उठी।
शनिवार को जिले की सीमा में मोहिउद्दीनपुर से लेकर खरखौदा तक जगह-जगह लोग श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े थे। भाजपाई, सामाजिक संगठन और शहर के लोग अटल जी की अस्थियों के दर्शन को पुष्प लिए दोपहर से एकत्रित थे और श्रद्धांजलि देने के लिए कलश यात्रा का इंतजार कर रहे थे। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कलश यात्रा मोहिउद्दीनपुर पहुंची। इसके बाद परतापुर, रिठानी, शॉप्रिक्स मॉल तिराहा, मोहकमपुर, मंडी गेट, टीपीनगर गेट, रेलवे रोड, शारदा रोड, फुटबाल चौक, मेट्रो प्लाजा, रेलवे रोड चौराहा, केसरगंज होते हुए दोपहर 2:15 बेगमपुल पहुंची। 2:30 बजे बच्चा पार्क, 2:38 बजे ईव्ज चौराहा पहुंची। इंद्रा चौक होते हुए दोपहर 3:00 बजे सूरजकुंड रोड से हंस चौराहा पहुंची। इसके बाद गांधी आश्रम चौराहा से 3:15 बजे कलश यात्रा सेंट्रल मार्केट, 3:25 बजे पीवीएस मॉल, 3:30 बजे शास्त्रीनगर, हापुड़ रोड और खरखौदा होते हुए कलश यात्रा हापुड़ और ब्रजघाट के लिए रवाना हुई। इन सभी स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई और सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि दी।
पुष्पवर्षा करने के लिए छोटे मालवाहक में एक बड़े पाइप के जरिए भी व्यवस्था की गई थी। कलश यात्रा में सबसे आगे एक संदेशवाहक गाड़ी चल रही थी, जो कलश यात्रा के पहुंचने से तीन-चार मिनट पहले पहुंच जाती थी और उसमें से एलान किया जाता था कि कलश यात्रा पहुंचने वाली है। इसके बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों एडीएम सिटी, एसपी सिटी, ट्रैफिक इंस्पेक्टर आदि की गाड़ियां कलश यात्रा की अगुवाई कर रही थीं। इसकेबाद कलश यात्रा वाला वाहन, फिर पुष्पवर्षा करता हुआ वाहन और फिर बाइकों और कारों में सवार भाजपा कार्यकर्ता। आखिर में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी थी। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस जगह-जगह व्यवस्था करने में जुटी हुई थी, ताकि जाम न लगे। यह अस्थियां 24 अगस्त को यात्रा के रूप में अलग-अलग मंडलों के लिए लखनऊ से रवाना की गई थी। भ्रमण करते हुए 25 अगस्त को मेरठ पहुंची।
गूंजे अटल जी अमर रहे के जयकारे
शहर में जगह-जगह अटल जी के भाषणों की सीडी चलाई जा रही थी। कई जगह जहां अटल जी को श्रद्धांजलि देने की व्यवस्था थी, वहां देशभक्ति के तराने गूंज रहे थे। इसके अलावा कलश यात्रा में कुछ बाइक सवार तिरंगा झंडा लिए हुए थे। अटल जी अमर रहें के जयकारे लगा रहे थे। श्रद्धांजलि देने केलिए बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी थे।
मैं जी भर जिया
जिस गाड़ी में कलश यात्रा थी, उसमें अटल जी का बड़ा सा होर्डिंग्स लगा हुआ था, जिस पर उनकी कविता लिखी थी, मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं। इसके अलावा शहर में जगह-जगह होर्डिंग्स लगे हुए हैं।
कलश यात्रा में यह रहे मौजूद
कलश यात्रा वाले वाहन में प्रदेश सरकार के मंत्री अतुल गर्ग और प्रदेश पदाधिकारी देवेंद्र चौधरी, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक सोमेंद्र तोमर, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, क्षेत्रीय मंत्री अशोक मोघा, महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, अरुण वशिष्ठ आदि थे। इनकेअलावा कलश यात्रा के दौरान पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, जिला अध्यक्ष शिवकुमार राणा, विनीत अग्रवाल शारदा, बिजेंद्र अग्रवाल, आशीष प्रताप, राजीव गोयल, अंकित सिंघल, प्रवीण शर्मा, संजीव शर्मा, अमित शर्मा, संजीव गुप्ता और अजीत आदि रहे।
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17 अगस्त को किया गया था अंतिम संस्कार
मेरठ मंडल में विसर्जन प्रमुख सरकार केमंत्री श्रीकांत शर्मा, और चेतन चौहान को बनाया गया है। वाजपेयी जी का 16 अगस्त को देहांत हो गया था। 17 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार हुआ। इसके बाद भाजपा संगठन ने देशभर में उनकी अस्थियों को विसर्जित करने का कार्यक्रम तय किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन मंडलों मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल में अस्थियां विसर्जित किया जाना प्रस्तावित किया गया। इनमें मेरठ मंडल में ब्रजघाट पर अस्थियां विसर्जित की जानी थी।
रूट किया गया छोटा
भाजपा के महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग ने बताया कि रूट को काफी छोटा किया गया। इससे छोटा रूट नहीं कर सकते थे। उन्होंने बताया कि कलश यात्रा में व्यापार मंडल, व्यापार संघ, महिलाएं आदि ने भी पुष्प अर्पित किए। रूट छोटा करने की वजह से हापुड़ रोड चौराहे के स्थान पर सूरजकुंड रोड और सेंट्रल मार्केट से कलश यात्रा को गुजारा गया। तेजगढ़ी चौराहे से जाना था, वहां से नहीं गए।