भारतरत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का यूपी के बिजनौर जिले से बहुत गहरा रिश्ता रहा। वे हमेशा जिले के लोगों के दिलों में रहे। कार्यकर्ताओं के घर पर जाकर हाथ से ही कढ़ी चावल खाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी की सादगी के सभी दीवाने रहे। उन्होंने जिले के लोगों की नब्ज पकड़ी और भाजपा को जिले में खड़ा किया। उनकी बातों में केवल भारत व भारत की सेवा की बात होती।
अटल जी के बेहद करीबी रहे बिजनौर निवासी अतुल गुप्ता बताते हैं कि वे सन 1974 में दिल्ली में पढ़ते थे। अपने अध्यापक डा. आशाराम के जरिये उन्हें अटल जी के साथ जुड़ने का मौका मिला। अटल जी, डा. आशाराम के साथ वे रोज इंडिया गेट पर मॉर्निंग वॉक के लिए जाते थे। 1980 के दशक में उन्होंने अटल जी के चुनाव से जुड़े पोस्टर ड्राफ्ट किए। अतुल गुप्ता बताते हैं कि अटल जी जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं से जानकारी लेकर टिकट देते थे। अटल जी ने उन्हें 1991 में दिल्ली बुलाया। उस समय बिजनौर सीट आरक्षित थी। उन्होंने उस समय लोकदल के नेता व पूर्व सांसद मंगलराम प्रेमी को पार्टी से जोड़ने को कहा। अटल जी ने बताया कि मंगलराम प्रेमी ने अपने लोकसभा में अपने भाषण से एक बार प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी निरुत्तर कर दिया था। अटल जी इससे बहुत प्रभावित थे।