दौराला थाने में मुंह ढककर जाता आरोपी।
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सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के सहायक कुलसचिव डीएस यादव को रविवार को दौराला पुलिस ने रिमांड पर लिया। कृषि विवि में 17 लाख रुपये के गबन के मामले में सहायक कुलसचिव देवेंद्र यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जहां कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया था। सहायक कुलसचिव पर हाईकोर्ट के बिलों में फर्जीवाड़ा करने का आरोप था। इस मामले में सच संस्था अध्यक्ष संदीप पहल ने हाईकोर्ट में पीआईएल डाली थी। जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। दौराला थाने के एसएसआई ब्रजेश कुमार ने बताया कि रविवार सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक डीएस यादव को रिमांड पर लिया गया। इसके अलावा उन्हें कार्यालय ले जाया गया, जहां पर सील लगी मिली। इसके बाद उनके घर पर ले जाया गया। जहां से कोई सबूत नहीं मिला।
बहस के बाद मिली रिमांड
शनिवार को स्पेशल सीजीएम के यहां रिमांड को लेकर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस हुई थी। डीएस यादव के वकील ने कहा कि यादव स्वयं अधिवक्ता हैं और मेरठ बार एसोसिएशन के सदस्य रह चुके हैं। इसलिए उसको रिमांड पर नहीं लिया जा सकता है। इसका दूसरे पक्ष के वकील ने विरोध किया और कहा कि वह विवि में नौकरी कर रहे है और वे मेरठ बार एसोसिएशन के सदस्य नहीं हो सकते हैं। काफी देर तक हुई बहस के बाद स्पेशल सीजेएम ने कुलसचिव को छह घंटे का रिमांड की अनुमति दी।