सहायक अभियंता जलकल ने किया प्लांट का निरीक्षण
मेरठ। 14 दिन बाद भी भोला की झाल पर बने नगर निगम के 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) के इंटेक चेंबर की सफाई नहीं हो सकी है। इस चेंबर में ही नहर का पानी लिया जाता है। सिल्ट जमा होने के चलते चेंबर में क्षमता से आधा ही पानी लिया जा सकता है।
अमर उजाला में मामले की खबर छपने के बाद सोमवार को सहायक अभियंता जलकल सुनील कुमार ने प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण में भारी खामियां मिलने पर फर्म प्रतिनिधियों को फटकार लगाते हुए जल्द चेंबर की सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्लांट की तेजी से मरम्मत पूरी कर चालू करने के निर्देश दिए। बता दें कि सिंचाई विभाग ने एक महीने से बंद पड़ी गंगनहर में 14 नवंबर की आधी रात को हरिद्वार से पानी छोड़ दिया। अधिकारियों का दावा था कि सोमवार शाम तक पानी भोला की झाल पर पहुंच जाएगा लेकिन पानी नहीं पहुंच सका। अधिकारियों ने बताया कि नहर सूखी होने के चलते पानी सोखकर चल रही है। इसके चलते पानी धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह तक पानी झाल पर पहुंच जाएगा।