रघुकुल विहार में सामूहिक आत्महत्या को अंजाम देने वाले श्रीमोहन अरोड़ा के घर सोमवार को चोरी होने की चर्चा फैल गई। टीपी नगर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने श्रीमोहन के रिश्तेदारों को बुलाकर उनकी मौजूदगी में जांच की। पुलिस का दावा है कि मकान का सामान सुरक्षित था, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि लॉक क्यों और किसने खोला। इसके पीछे मकसद क्या था।
रघुकुल विहार कालोनी की गली नंबर एक में सात अक्तूबर की सुबह स्पेयर पार्ट्स कारोबारी श्रीमोहन अरोड़ा ने पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू और पोते के साथ आत्महत्या कर ली थी। जांच पड़ताल के बाद श्रीमोहन के बडे़ भाई हरिमोहन के परिजन मकान के कमरे का लॉक लगाकर अपने घर शास्त्रीनगर चले गए थे।
सोमवार को मुख्य गेट का ताला तो लगा था। लेकिन आंगन में मकान के अंदर कमरे में जाने वाला दरवाजा कुछ खुला था, जिसे देख लोगों को शक हुआ। घर में लाखों का माल भरा था। ऐसे में मकान में चोरी की चर्चा फैल गई। सूचना पर पहुंची टीपी नगर पुलिस ने हरिमोहन और अन्य परिजनों को बुलाकर मकान की जांच की। एसओ टीपी नगर हंसराज भदौरिया के अनुसार मकान के अंदर सभी सामान सुरक्षित था। चोरी नहीं हुई थी। पुलिस ने परिजनों से मकान पर दूसरे लॉक लगवा दिए हैं।
उठ रहे सवाल
कमरे का लॉक खुला मिलने पर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस कह रही है कि चोरी नहीं हुई। लेकिन सवाल है कि लॉक क्यों खोला गया। कहीं ऐसा तो नहीं कि कोई घर में घुसकर कोई चीज हासिल करना चाहता हो। हालांकि फोरेंसिक टीम पहले ही मकान से फिंगर प्रिंट और तमाम सुबूत ले चुकी है।
चाबी को लेकर मतभेद
एसओ टीपी नगर हंसराज भदौरिया का कहना है कि मकान की चाबी को लेकर अरोड़ा फैमिली के रिश्तेदारों में आपसी मतभेद हैं। वह चाहते हैं कि मकान की चाबी पुलिस अपने पास रखे। संभवत: इसी वजह से लॉक खोला गया। सुबह फैमिली के एक रिश्तेदार कॉलोनी के कुछ लोगाें के साथ उनसे मिलने भी आए थे। वह पुलिस की मौजूदगी में मकान की चाबी लेकर मकान की सफाई कराने की बात कर रहे थे। उनकी बातों से लगा कि वह चाहते है कि अरोड़ा फैमिली के बंद मकान की चाबी पुलिस के पास रहे। लेकिन यह परिवार का पर्सनल मैटर है। पुलिस चाबी नहीं लेगी।