देश को पहला पदक दिलाकर कैसा लग रहा है?
एशियन गेम्स में देश के लिए पहला पदक जीतना बहुत ही शानदार रहा। मैं और अपूर्वी चंदेला दोनों बहुत खुश हैं कि जब भी एशियन गेम्स 2018 में देश के लिए पहले मेडल की बात होगी तो हमारी जोड़ी का नाम लिया जाएगा।
जकार्ता में खिलाड़ियों के लिए कैसी व्यवस्था है?
यहां शूटिंग रेंज बहुत अच्छी है। सभी तरह का खाना उपलब्ध है। सबसे खास बात यहां के लोग बहुत मददगार है। एक लाइन में कहूं तो यह सबकुछ बहुत अच्छा है।
अपने पहले पदक को लेकर क्या उम्मीदें थीं?
मेरी तैयारी बहुत अच्छी है। सभी कोच ने मुझे निखारने में बहुत मेहनत की है। रविवार को हुए युगल मुकाबले में हमारा मैच शुरू से अच्छा चल रहा था। अंतिम समय पर मामूली सी चूक से हम कुछ प्वाइंट से पीछे रह गए। इस कारण कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। लेकिन हमें इस बात की खुशी है कि हमने देश के लिए पहला पदक जीता।
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पदक जीतने के बाद सबसे पहले किससे बात हुई?
पदक जीतने के बाद सबसे पहले मैंने अपने कोच अभिनव बिंद्रा को मैसेज किया। उन्होंने बधाई दी तो और भी ज्यादा खुशी हुई। उसके बाद मैंने अपने पिता और चाचा से वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने मुझे शाबासी दी। लेकिन मैं जकार्ता में बैठा मां से बात करने का इंतजार करता रहा।
मेरठ के लोगों और शूटिंग खिलाड़ियों के लिए क्या कहना चाहेंगे?
मेरठ के लोगों व देशवासियों ने मुझे शुरूआत से ही बहुत प्यार दिया है। मैं उनका सदा आभारी हूं। हां, मैं शूटिंग में अपना भविष्य बना रहे खिलाड़ियों की हर तरीके से मदद के लिए हमेशा तैयार हूं। मैं उनके लिए जो भी कर सकता हूं, वह करूंगा।
20 अगस्त को होने वाले मुकाबले के बारे में क्या कहेंगे?
सोमवार को भारतीय समय के अनुसार सुबह 7 बजे मेरा पुरुष वर्ग में 10 मीटर एयर राइफल में एकल मुकाबला है। मुझे अपने अनुभव और तैयारी पर पूरा भरोसा है। देश के लिए स्वर्ण पदक जरूर लेकर आऊंगा।
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