Meerut News: मेरठ के इकलौता गांव निवासी पारुल चौधरी ने बैक टू बैक दो दिन में दो मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उनके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है।
साउथ कोरिया में चल रही 26वीं एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेरठ के इकलौता गांव निवासी पारुल चौधरी ने लगातार दूसरे दिन भी अपनी झोली में पदक डाला। उन्होंने शनिवार को 5000 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया और रजत पदक जीता। उन्होंने यह दौड़ 15 मिनट 15.33 सेकेंड में पूरी की।
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इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीतकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। उनके पदक जीतने पर पिता व अन्य परिजनों ने भी खुशी जताई है।
शनिवार को 5000 मीटर दौड़ दोपहर 2:30 मिनट पर शुरू हुई। इसमें शुरुआत से ही पारुल ने बढ़त बनाकर रखी। शुरू के दो हजार मीटर तक पारुल चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं। उनसे आगे कजाखस्तान और जापान की एथलीट थी। अंतिम एक हजार मीटर में पारुल ने थोड़ी गति बढ़ाई और वह जापान की एथलीट को पछाड़कर दूसरे नंबर पर आ गई।
आखिर तक वह कजाखस्तान की एथलीट को नहीं पछाड़ सकी और दूसरे स्थान पर रही। पारुल ने यह दौड़ 15 मिनट 15.33 सेकेंड में पूरी की और दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक जीता। वहीं, उनसे आगे रहीं कजाखस्तान की एथलीट ने यह दौड़ 14 मिनट 58.71 सेकेंड में पूरी की और पहला स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता।
इससे पहले पारुल ने शुक्रवार को 3000 मीटर स्टीपलचेज में देश के लिए रजत पदक जीता था। उन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज 9 मिनट 12.46 सेकेंड में पूरी की थी और नेशनल रिकॉर्ड बनाया था।
पारुल चौधरी ने 5000 मीटर दौड़ में 2023 में अमेरिका में हुई ट्रैक फेस्टिवल में 15 मिनट 10.35 सेकेंड का समय लिया था। वहीं, एशियन गेम्स में उन्होंने पांच हजार मीटर दौड़ में 15 मिनट 14.75 सेकेंड का समय लेकर देश के लिए स्वर्ण पदक जीता था।
परिजनों ने मनाई खुशी, मिठाई बांटी
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो-दो पदक जीतकर मेरठ समेत पूरे देश का नाम रोशन करने वाली पारुल चौधरी के पिता कृष्णपाल, भाई राहुल और अन्य परिजनों ने खुशी जताई। उन्होंने मिठाई भी बांटी। भाई राहुल ने कहा कि पारुल लगातार अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन कर रही है। उन्होंने उम्मीद की कि आगे भी वह इसी प्रकार देश के लिए पदक लाती रहेंगी।