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अष्टमी और नवमी... दोनों का व्रत आज, देखें कैसे मनाई जाती है राम नवमी

Sat, 13 Apr 2019 11:30 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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महागौरी की पूजा - फोटो : अमर उजाला
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नवरात्र में आज अष्टमी और नवमी दोनों का व्रत रखा जा रहा। शनिवार को अष्टमी सुबह 11 बजकर 41 मिनट तक ही होगी और उसके बाद नवमी तिथि आ जाएगी। खास यह है कि रविवार को सुबह 09: 35 तक ही नवमी रहेगी और इस समय से पहले ही नवमी का पूजन करना होगा।
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पंडित विनोद त्यागी के अनुसार इस वर्ष आज 13 अप्रैल शनिवार को अष्टमी 11:41 बजे तक है। इसके बाद नवमी तिथि आ जाएगी (नवमी तिथि 14 अप्रैल रविवार को प्रात: 09:35 तक रहेगी जो मध्याह्नकाल को स्पर्श नहीं करेगी) पुनर्वसु नक्षत्र प्रात: 08.:58 तक उसके बाद पुष्य नक्षत्र रहेगा। 

शास्त्रानुसार जिस दिन मध्याह्नकाल व्यापिनी नवमी पुनर्वसु या पुष्य नक्षत्र युक्त हो तब श्रीराम जन्मोत्सव मनाना चाहिए। रामनवमी व्रत 13 अप्रैल 2019 शनिवार को मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा। खास बात यह है कि भले ही शनिवार को 11 बजकर 41 मिनट के बाद नवमी आ जाएगी पर उसका पूजन रविवार को ही होगा क्योंकि मध्यकाल में पूजन शास्त्र सम्मत नहीं है।
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राम नवमी के दिन मां दुर्गा के नवें रूप महागौरी की पूजा के साथ ही मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की पूजा का भी विधान है। इस दिन भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और राम नाम का जप करते हैं। राम नवमी के साथ ही नवरात्रि का समापन हो जाता है। 

दो दिन राम नवमी
हिंदू कैलेंडर के अनुसार राम नवमी हर साल चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह पर्व हर साल मार्च या अप्रैल महीने में आता है। इस बार राम नवमी दो दिन मनाई जाएगी। 

राम नवमी का महत्व 
हिंदू धर्म में राम नवमी का विशेष महत्व हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ की पहली पत्नी कौशल्या की कोख से भगवान राम के रूप में जन्म लिया था। हिंदू मान्यताओं में भगवान राम को सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। कहा जाता है कि श्री गोस्वामी तुलसीदास जी ने जिस राम चरित मानस की रचना की थी, उसका आरंभ भी उन्होंने इसी दिन से किया था। 

कैसे मनाई जाती है राम नवमी 
इस दिन विशेष पूजा अर्चना का आयोजन किया जाता है। भक्त अपने अराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम राम के लिए दिन भर उपवास रखते हैं। घरों में राम के जन्मोत्सव के मौके पर उन्हें पालने में झुलाया जाता है। विशेष रूप से खीर का भोग लगाने की परंपरा है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि का नवां यानि कि अंतिम दिन होता है। जिसका समापन कन्या पूजन के साथ किया जाता है।

इस दिन हजारों की संख्या में भक्त भगवान राम की जन्म स्थली अयोध्या पहुंचकर सरयू नदी में स्नान करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सरयू नदी में स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और भक्तों को भगवान राम की असीम कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि राम नवमी के दिन भगवान राम की विधि विधान से पूजा करने पर मोक्ष प्राप्ति होती है। 
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नवमीं पर कन्या पूजन के लिए उपहार व अन्य सामान खरीदने के लिए बाजार में खासी भीड़ है। स्टेशनरी आयटम, खिलौने, कपड़ों से लेकर पर्स और मेकअप का सामान कन्याओं के लिए बाजार में मौजूद है। 
लोगों ने 10 रुपए से लेकर 100 रुपए तक कीमत का सामान बाजार में नजर आया। इसमें स्टील के टिफिन, स्टील की पानी की बोतलें, प्लास्टिक के टिफिन, प्लास्टिक की बोतलें व अन्य आयटम भी हैं।

कन्याओं को पहनाने के लिए लाल गोटेदार चुन्नी, चूड़ियां और बिंदी भी खरीदी जा रही है। इसके अलावा स्कूल बैग, कार्टून बैग, इलेक्ट्रानिक खिलौने, टियारा, कार्टून घड़ियां, चश्मे व अन्य सामान की भी खूब मांग है। सदर, लालकुर्ती, शारदा रोड बाजार, बेगमपुल बाजार, वैली बाजार, शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट, बेगमबाग बाजार, वेस्टर्न कचहरी रोड पर भी कन्याओं के उपहार के सामानों की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही। 
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