एक ग्रुप बनाता है 100 कांवड़
शहर में सात ग्रुप हैं जो झांकी कांवड़ बनाते हैं। एक ग्रुप में आठ से दस लोग होते हैं। प्रत्येक सीजन में एक ग्रुप सौ के करीब कांवड़ निर्माण कर देता हैं। जिसकी कीमत 25 हजार से 50 हजार के मध्य होती है।
इन मोहल्लों में बनती हैं कांवड़
शहर में पुरानी तहसील, तारापुरी, बजाजा, रजबन, गुदड़ी बाजार आदि स्थानों पर कांवड़ निर्माण का कार्य चालीस वर्षों से किया जा रहा हैं।
महंगाई के कारण बढ़ी लागत
कारीगर अल्ताफ ने बताया कि महंगाई के चलते कांवड़ निर्माण में खर्च भी बढ़ गया है। पूर्व में बड़ी झांकी कांवड़ दस से बीस हजार के बीच बनकर तैयार हो जाती थी। अब निर्माण में खर्च 25 से 45 हजार रुपये तक आ रहा है।
ये हैं झांकी कांवड़
मोरपंख कांवड़ - 30 से 35 हजार
कमल की कांवड़- 30 से 45 हजार
शेषनाग की कांवड़- 25 से 30 हजार
महाकाल कांवड़ - 25 से 50 हजार
शंकर जी कांवड़ - 40 से 45 हजार
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