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वेस्ट यूपी में मौसम: बारिश के बाद मेरठ-एनसीआर की हवा हुई साफ, तापमान 25 डिग्री से नीचे; किसानों की बढ़ी चिंता

Fri, 30 Oct 2026 10:40 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

अर्नब तूफान के असर से मेरठ और एनसीआर में बारिश व तेज हवाओं से तापमान 25 डिग्री से नीचे पहुंचा। मेरठ का AQI 53 दर्ज हुआ, जबकि धान, गन्ना और अन्य फसलों पर नुकसान की आशंका है।

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पश्चिमी यूपी में बारिश से प्रदूषण में राहत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अर्नब तूफान के असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव नजर आ रहा है। मेरठ और एनसीआर क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से मौसम बदला हुआ है। रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं से तापमान में गिरावट आई है। दिन का पारा 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। सुबह और शाम के समय ठंडक महसूस होने लगी है।

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बारिश और तेज हवाओं के चलते वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों का स्तर कम हुआ है। शुक्रवार सुबह मेरठ का AQI 53, बागपत का 60 और मुजफ्फरनगर का 88 दर्ज किया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को मेरठ का AQI 183, बागपत का 198 और मुजफ्फरनगर का 142 था। यानी एक दिन में तीनों जिलों की हवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।

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धान की फसल गिरने और खुले में रखे अनाज के खराब होने का खतरा
बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस समय धान की कटाई और मड़ाई का काम चल रहा है। कृषि वैज्ञानिक आरएस सेंगर के मुताबिक, बारिश और तेज हवा से पककर तैयार धान की फसल गिर सकती है। इससे कटाई में परेशानी आएगी और दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।



जिन किसानों ने धान काटकर खुले स्थानों पर रखा है, उनकी उपज बारिश में भीग सकती है। नमी बढ़ने से अनाज में फफूंद लगने और भंडारण में दिक्कत आने का खतरा है। कटी हुई फसल भीगने से मड़ाई में देरी हो सकती है।

गन्ना, सरसों और आलू की फसल पर भी असर
तेज हवाओं से लंबा गन्ना गिरने की आशंका है। इससे कटाई और ढुलाई में परेशानी बढ़ सकती है। खेतों में पानी भरने से फसलों की जड़ों और बढ़वार पर भी असर पड़ सकता है।

आलू की बुवाई कर चुके किसानों के लिए लगातार बारिश परेशानी बढ़ा सकती है। खेतों में जलभराव होने से बीज सड़ने और पौधों के जमाव पर असर पड़ने की आशंका है। सरसों की हाल में हुई बुवाई भी प्रभावित हो सकती है। अधिक पानी भरने से बीज के अंकुरण और शुरुआती पौधों की बढ़वार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

टमाटर, मटर, गोभी, पालक और अन्य मौसमी सब्जियों की फसलों में भी जलभराव से जड़ सड़न और फफूंद जनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, हल्की बारिश से आगामी रबी फसलों के लिए खेतों में नमी बढ़ने का लाभ भी मिल सकता है, लेकिन लगातार बारिश और जलभराव नुकसानदेह साबित हो सकता है।
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अगले 24 घंटे तक बदला रहेगा मौसम
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, अगले 24 घंटे तक बारिश और बादलों का असर बने रहने की संभावना है। इस दौरान दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आई है और दिन में भी ठंडक महसूस होने लगी है।

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, बारिश और तेज हवाओं के चलते मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर की हवा की गुणवत्ता में सुधार आया है। मौसम साफ होने के बाद तापमान में फिर बदलाव हो सकता है।
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