पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई को सेना की गोपनीय सूचनाएं लीक करने के आरोप में पकड़े गए फौजी कंचन सिंह के कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया चल रही है। कंचन सिंह फिलहाल चंडीगढ़ में है। कोर्ट मार्शल की कार्रवाई के दौरान उसे मेरठ लाया जाएगा। इसके बाद सेना की तरफ से थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में अभी दो से तीन महीने का समय लगेगा।
बागेश्वर (उत्तराखंड) के गढ़िया गांव का निवासी कंचन सिंह साल 2011 में हल्द्वानी से सेना में भर्ती हुआ था। दो साल की ट्रेनिंग के बाद उसे पहली तैनाती अरुणाचल प्रदेश में मिली थी। यहां पर तीन साल की तैनाती के बाद ढाई साल पहले वो मेरठ में आया था। यहां उसकी तैनाती सिग्नलमैन के तौर पर सिग्नल रेजीमेंट में हुई थी। सेना ने खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद आईएसआई को गोपनीय सूचनाएं लीक करने के आरोप में उसे पकड़ा था। कंचन सिंह से चंडीगढ़ वेस्टर्न कमांड, मेरठ यूनिट और सेना के विशेष दस्ते द्वारा कई दौर की पूछताछ की जा चुकी है। फिलहाल कंचन चंडीगढ़ में है। वहां पर कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया चल रही है। कोर्ट मार्शल की सुनवाई शुरू होते ही उसे मेरठ लाया जाएगा। जिसके बाद उस पर आरोप तय किए जाएंगे। कोर्ट मार्शल के बाद उसको मेरठ में सिविल पुलिस के हवाले किया जाएगा।