अर्ध चक्रासन से दूर होगा कमर का दर्द
मेरठ। संस्कृत में अर्ध का अर्थ होता है आधा, अर्ध चक्रासन में शरीर आधा चक्र बनाता है। इसलिए इसे अर्ध चक्रासन कहा जाता है। योग प्रशिक्षक बबलू ठाकुर ने बताया कि अर्ध चक्रासन से रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीला बनती है। इसके नियमित अभ्यास करने से चर्बी घटती है। वहीं, इससे शुगर को भी नियंत्रित किया जा सकता है। यह गर्दन के दर्द को कम करने में भी लाभदायक होता है। इसके नियमित तरीके से करने से हमेशा के लिए कमर दर्द से छुटकारा मिल सकता है।
--
यह है विधि
आप अपने पैर एक साथ जोड़कर सीधे खड़े हो जाएं। बहुत हद तक ताड़ासन की स्थिति में रहें। अपने हाथ बगल में रहने दें। कोहनियां मोड़ें और कमर के निचले हिस्सों को हथेलियों से सहारा दें। अब सांस लेते हुए यथासंभव पीछे झुक जाएं। अर्ध चक्रासन की अवस्था को बनाए रखें और धीरे धीरे सांस लें और फिर ऐसे ही छोड़ें। ध्यान रखें कि अर्ध चक्रासन के समय संतुलन बना रहे। फिर सांस छोड़ते हुए मूल अवस्था में लौट आएं। यह एक चक्र हुआ। इस तरह से आप पांच से सात बार करें।
---
यह बरते सावधानी
सिर को झटके के साथ पीछे नही ले जाना चाहिए। स्लिप डिस्क एवं साइटिका वालों को यह आसन नहीं करना चाहिए
---