परतापुर थाना क्षेत्र में रविवार से अपहृत 10 साल के बच्चे का शव सोमवार को दिल्ली एक्सप्रेस वे के निर्माणाधीन स्थल पर पानी से भरे गड्ढे में मिला। बच्चे के परिजनों और ग्रामीणों ने वहां काम करने वाली लेबर पर बच्चे की कुकर्म के बाद हत्या करने का आरोप लगाकर हंगामा काटा। पुलिस का घेराव कर करीब तीन घंटे तक शव नहीं उठने दिया। एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परिजनों के अनुसार उनके गांव के पास ही एक्सप्रेस वे का निर्माण चल रहा है। वहां काम कर रही लेबर के बच्चे खेलते रहते हैं। रविवार सुबह उनका 10 साल का बेटा भी वहीं पर बच्चों के साथ खेलने गया था। लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद सुराग न मिलने पर रविवार देर रात परतापुर थाने में इसकी सूचना दी गई। सोमवार सुबह निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे स्थल पर पानी से भरे गड्ढे में बच्चे का शव मिलने की सूचना पर हड़कंप मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव की शिनाख्त के बाद हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि एक्सप्रेेस वे पर काम करने वाले किसी मजदूर ने बच्चे की कुक र्म के बाद हत्या की है। गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची परतापुर पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। इस मामले को लेकर सांप्रदायिक तनाव भी पैदा हो गया। पुलिस ने चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
अफसरों ने दिया आश्वासन
मौके पर पहुंचीं एसडीएम सदर निशा आनंद और सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया ने बच्चे के परिजनों को समझाया कि पूरे मामले की गहनता से जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करायी जाएगी। वे अपनी ओर से परिवार की आर्थिक मदद दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे।
पैनल की मिली अनुमति
इंस्पेक्टर परतापुर जीएस त्रिपाठी के अनुसार परिजनों की ओर से बच्चे की गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई थी। गांव की आपसी खींचतान की वजह से मामले ने इतना तूल पकड़ा। इस वजह से बच्चे के शव का पोस्टमार्टम रात को ही पैनल से कराया जाएगा ताकि बाद में कोई विवाद ना रहे। इसके लिए प्रशासन ने अनुमति मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए हुआ लेबर पर शक
पीड़ित परिजन और ग्रामीणों का आरोप था कि निर्माणाधीन स्थल से ठेकेदार और कुछ मजदूर घटना के बाद से गायब हैं। इसी वजह से उनका शक उन पर गया । बच्चे को तलाशते हुए जब वे निर्माणाधीन स्थल पर गए थे तो लेबर ने पहले वहां बच्चे के आने की बात कही थी। लेकिन बाद में वे इससे भी इंकार करने लगे।
पीएम में होगा स्पष्ट
पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर केस दर्ज होगा। कुकर्म हुआ या नहीं और हत्या की सही वजह पोस्टमार्टम में ही स्पष्ट होंगी। उसी आधार पर और धाराएं भी लग सकती हैं। -अखिलेश भदौरिया, सीओ ब्रह्मपुरी